LPG Crisis: सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (CUSB) में छात्रों को खाना खिलाने वाला मेस भी गैस की किल्लत झेल रहा है. एक ओर केंद्र सरकार दावे करती दिख रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है. भारत के पास पर्याप्त उपलब्धता है. वहीं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालय में बच्चों को खाने की परेशानी हो रही है.
Mess संचालक का नोटिस
मेस संचालक ने अपनी ओर से एक नोटिस जारी कर बताया है कि उन्हें कितनी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. नोटिस में लिखा गया है -
"आदरणीय बच्चों.. युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति बाधित है. गैस भारत में आना बंद हो गया है. जिसके कारण मेस के लिए भी गैस उपलब्ध नहीं हो पा रहा. बस दो दिन का गैस शेष है. लेकिन इसके खत्म होने के बाद भी लकड़ी के प्रयोग से खाना बनाकर सबको खाना उपलब्ध कराया जाएगा."

विश्वविद्यालय की अवस्थिति
सरकार के पर्याप्त उपलब्धता के दावों की पोल खुलती दिख रही है. यह हम एक विश्वविद्यालय की बात कर रहे हैं, जो बिहार के गया शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित पंचनपुर में अवस्थित है. इसे केंद्र सरकार द्वारा संचालित किया जाता है.
कितने विश्वविद्यालय और झेल रहे समस्या?
अब सवाल यह खड़ा होता है कि ऐसे और भी अनगिनत स्कूल और विश्वविद्यालय होंगे जहां विद्यार्थियों को ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
क्या कहा विश्वविद्यालय प्रबंधन ने..
जब हमारे कार्यालय से खबर की पुष्टि के लिए विश्वविद्यालय के हॉस्टल प्रबंधक रेणु को कॉल किया गया, तो उन्होंने सवाल से बचने की कोशिश की. कहा कि "आपको पीआरओ से बात करनी होगी". इसके बाद कॉल पीआरओ को किया गया. एमडी मुदस्सिर आलम ने बताया कि पूरे देश में LPG Crisis जारी है, जिसका प्रभाव विश्वविद्यालय पर भी पड़ रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि मेस का टेंडर आउटसोर्सिंग कंपनी को दिया गया है. जिन्हें गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है.






