JHARKHAND (GIRIDIH): पोलिटिकल संरक्षण ने गिरिडीह में कई युवा जमीन माफियाओं को पैदा कर दिया है. एक महीने पहले जिले के जमुआ में जमीन विवाद को लेकर चले ताबड़तोड़ गोली फायरिंग के आरोपियों को पुलिस पकड़ नहीं पा रही है. इसमें एक आरोपी तो खुद गिरिडीह जेएमएम का नगर सचिव सन्नी रायण है. जबकि दूसरा आरोपी विशाल मंडल और तीसरा मुख्य आरोपी राजा खोरा है. कोड़ा गिरोह का सरगना. गिरिडीह की निचली अदालत ने तीनों मुख्य आरोपियों समेत कई आरोपियों की जमानत ख़ारिज कर दी है.
इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दायर किया है. जिस पर नए साल में सोमवार को तीसरी बार बहस हुई. इस दौरान केस डायरी भी जमुआ पुलिस द्वारा भेजी गई. लिहाजा, केस डायरी के आधार पर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशाल कुमार के न्यायालय ने सुनवाई को अब आदेश पर रखते हुए अगली तिथि को सुनवाई मुकर्रर की गई है.
फिलहाल न्यायालय ने फरार अपराधियों की गिरफ्तारी पर कोई रोक भी नहीं लगाया है. इधर तीनों आरोपी अब गिरिडीह पुलिस को कानून का जबरदस्त ठेंगा दिखा रहे हैं. फरार अपराधी विशाल मंडल जहां रविवार को खंडोली में एक समाज के वनभोज में शामिल भी हुआ. इस दौरान पूर्व विधायक समेत कई राजनीतिक रसूखदार के साथ वो खड़ा दिखा. वही दूसरा अपराधी और जेएमएम के नगर सचिव सन्नी रायण का हाल भी कुछ ऐसा ही है. जो एक रसूखदार अधिवक्ता के साथ फोटो खींचकर पोस्ट कर रहा है, सोशल मीडिया में पोस्ट कर पुलिस को चकमा देता आ रहा है.
जाहिर है सारा खेल पोलिटिकल और पैसे पर दोनों युवा जमीन माफिया खेल रहे है. लिहाजा, इन जमीन माफियाओं का वर्चस्व भी ऐसा रहा था कि थानों में दोनों माफिया थानेदार के साथ कुर्सी लगाकर आमने सामने बैठे नजर आते हैं. इधर इस मामले में जेएमएम के नगर अध्यक्ष रॉकी सिंह ने पूछने पर बताया कि अभी फिलहाल सन्नी रायण पर सिर्फ आरोप लगा है, कोई दोष साबित नहीं हुआ है. ज़ब उसके खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई होगी, तो निश्चित तौर पर पार्टी भी कार्रवाई करेंगी.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू








