क्लीन चिट मिलने के बाद भी छिन गई कुर्सी!, चतरा के हेडमास्टर पर लगा चावल चोरी का झूठा आरोप, गांव की गुटबाजी का शिकार बने गुरुजी
चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बिना किसी कसूर के एक शिक्षक को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई।


Chatra: चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बिना किसी कसूर के एक शिक्षक को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई। प्रतापपुर के यूएमएस ननईकला स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर विजय कुमार पर ग्रामीणों ने मिड-डे मील का चावल चुराने का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया था। मामले की जांच में जब शिक्षा विभाग के अधिकारी ने उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट दे दी, उसके बावजूद उन्हें पद से हटा दिया गया। इस फैसले के बाद से पूरे इलाके में शिक्षा विभाग और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच में सही मिला स्टॉक, स्टोर रूम में मौजूद थे पूरे 14 बोरे
ग्रामीणों का आरोप था कि हेडमास्टर ने स्कूल का चावल अपने पास उतरवाकर दूसरे बोरों में भर लिया है। विवाद बढ़ता देख प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEO) किशोर कुमार, स्थानीय मुखिया सुरेश राम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच टीम ने जब स्कूल के स्टोर रूम, स्टॉक रजिस्टर और डिलीवरी पर्ची का मिलान किया, तो सारा हिसाब-किताब बिल्कुल सही निकला। स्कूल को मिले कुल 14 बोरा चावल स्टोर में पूरी तरह सुरक्षित मिले और एक दाना भी कम नहीं था। बीईओ ने साफ तौर पर चोरी के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
भीड़ के दबाव में झुका प्रशासन, सहायक शिक्षक को थमाया प्रभार
हैरानी की बात यह रही कि चोरी का आरोप झूठा साबित होने के बाद भी बीईओ ने ग्रामीणों के भारी दबाव के आगे घुटने टेक दिए। उन्होंने तत्कालीन प्रभारी हेडमास्टर विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया और स्कूल के सहायक शिक्षक मुकेश कुमार को नया प्रभारी बना दिया। अधिकारी के इस कदम से यह सवाल खड़ा हो गया है कि जब हेडमास्टर की कोई गलती ही नहीं थी, तो आखिर किस मजबूरी में उन्हें हटाया गया।
जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते फंसाने की रची गई साजिश
पंचायत के मुखिया सुरेश राम और स्कूल प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद साव ने इस पूरे मामले की सच्चाई बताई। उन्होंने खुलासा किया कि यह विवाद चावल का था ही नहीं, बल्कि स्कूल की जमीन और पुरानी दुश्मनी के चलते यह सारा ड्रामा रचा गया था। शिक्षक विजय साव और गांव के कुछ लोगों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है, जिसका केस थाने में भी है। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए शिक्षक को झूठे केस में फंसाया गया। अब स्थानीय लोगों ने चतरा डीसी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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