सोन नदी के पानी पर बिहार-झारखंड में बनी सहमति, पलामू-गढ़वा के किसानों को मिलेगी राहत
सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच लंबे समय से चला आ रहा मामला अब समझौते तक पहुंच गया है।


Ranchi: सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच लंबे समय से चला आ रहा मामला अब समझौते तक पहुंच गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे से जुड़े समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
7.75 MAF पानी के बंटवारे पर बनी सहमति
समझौते के मुताबिक सोन नदी के 7.75 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी में से बिहार को 5.57 MAF और झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा। इस समझौते को खास तौर पर झारखंड के पलामू और गढ़वा के लिए अहम माना जा रहा है, जहां अक्सर पानी की कमी और सूखे जैसी स्थिति किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती है।
पलामू-गढ़वा के किसानों को बड़ी उम्मीद
झारखंड कांग्रेस ने इस समझौते को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि सोन नदी के पानी को लेकर दोनों राज्यों के बीच बनी सहमति लंबे समय से लंबित मुद्दे को आगे बढ़ाने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि पलामू और गढ़वा के किसानों को इस समझौते से पानी मिलने की उम्मीद बढ़ी है। दोनों जिले लंबे समय से सूखे की समस्या से प्रभावित रहे हैं, ऐसे में सोन नदी का पानी किसानों के लिए बड़ी राहत बन सकता है।
कांग्रेस ने कहा- समझौता पहले होता तो और बेहतर होता
केशव महतो कमलेश ने कहा कि यह समझौता अगर पहले हो जाता तो किसानों को इसका लाभ पहले ही मिल सकता था। हालांकि अब सहमति बनने के बाद पलामू और गढ़वा में सिंचाई की उम्मीद मजबूत हुई है।

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