जेल से 'जंगी ऐप' पर चलता था सुजीत का गैंग! रंगदारी के पैसों से नेपाल में खोला होटल, अब पुलिस खंगाल रही पाई-पाई का हिसाब
झारखंड के जामताड़ा में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की मौत के बाद अब उसके 'काले साम्राज्य' के पतन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सुजीत ने हत्या, रंगदारी और लेवी के पैसों से जो विशाल बेनामी साम्राज्य खड़ा किया था, पुलिस अब उसकी ईंट-से-ईंट बजाने में जुट गई

RANCHI/JAMTARA: झारखंड के जामताड़ा में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की मौत के बाद अब उसके 'काले साम्राज्य' के पतन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सुजीत ने हत्या, रंगदारी और लेवी के पैसों से जो विशाल बेनामी साम्राज्य खड़ा किया था, पुलिस अब उसकी ईंट-से-ईंट बजाने में जुट गई है।
इस पूरे इंटरनेशनल सिंडिकेट की पोल पिछले साल (नवंबर 2025) गिरफ्तार हुई सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा के उस सनसनीखेज कबूलनामे से खुली है, जिसमें उसने करोड़ों के लेनदेन, विदेशी निवेश और हथियारों की तस्करी के राज उगले थे।
काठमांडू में बुटीक होटल, पाकिस्तान से हथियारों की डील
रिया सिन्हा ने पुलिस को बताया था कि रंगदारी से आने वाली मोटी रकम को विदेश में इन्वेस्ट किया गया था। नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित ‘रॉयल एंपायर बुटीक होटल’ में सुजीत सिन्हा का बड़ा पैसा लगा है, जिसे क्षितिज मुनन नाम के व्यक्ति के साथ पार्टनरशिप में चलाया जा रहा था।
दुबई से पाकिस्तान तक जुड़े थे तार
जेल में बंद रहने के दौरान सुजीत सिन्हा ने दुबई में छिपे धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान से गठजोड़ कर लिया था। इसी प्रिंस खान के जरिए सुजीत का संपर्क पाकिस्तान के कुख्यात ‘पठान नेटवर्क’ से हुआ, जहां से गैंग के लिए अत्याधुनिक और बड़े हथियारों की खेप मंगवाई गई थी।
जमीन विवाद सुलझाने की 'फीस', 30 हजार/डिसमिल और जमीन
मूल रूप से डालटनगंज के रेड़मा की रहने वाली रिया सिन्हा ने बताया कि सुजीत के जेल जाने के बाद रंगदारी का धंधा उसने खुद संभाल लिया था। वसूली की रकम को मुख्य रूप से रियल एस्टेट और जमीन विवादों को सुलझाने (मैनेज करने) में लगाया जाता था।
नीरज सहाय और संजीव जायसवाल जैसे बड़े बिल्डरों और कारोबारियों के जमीन विवाद सुजीत सिन्हा जेल से ही मैनेज करता था। संजीव जायसवाल की ओरमांझी स्थित जमीन का विवाद सुलझाने के लिए गैंग ने 30 हजार रुपये प्रति डिसमिल के हिसाब से रंगदारी ली थी, और इसके एवज में 10 डिसमिल बेशकीमती जमीन भी अपने नाम लिखवा ली थी।
'जंगी ऐप' और व्हाट्सएप से चलता था जेल का खेल
सुजीत सिन्हा ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए पूरी तरह से हाई-टेक तरीका अपना रखा था। वह जेल के भीतर से व्हाट्सएप और बेहद गोपनीय 'जंगी ऐप' के जरिए अपना पूरा नेटवर्क चलाता था। रंगदारी वसूलने के लिए खास तौर पर ‘कोयलांचल शांति सेना’ का गठन किया गया था, जिसकी फंडिंग सीधे सुजीत करता था।
जेल के बाहर पत्नी रिया इस पूरे नेटवर्क की 'बॉस' थी। वह व्हाट्सएप के जरिए पति के फरमानों को शूटरों और गुर्गों तक पहुंचाती थी। लेन-देन का सुराग न मिले, इसके लिए पैसे यूपीआई (UPI) के जरिए ट्रांसफर किए जाते थे।
रिया सिन्हा द्वारा पुलिस पूछताछ में गैंग के कई सफेदपोशों और मुख्य सदस्यों के नाम बताए गए हैं। झारखंड पुलिस अब रिया की इस 'सीक्रेट लिस्ट' के आधार पर सुजीत सिन्हा के गुर्गों और उसके मददगारों पर बड़ा हथौड़ा चलाने की तैयारी में है।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

गिरिडीह में कुदरत का क़हर, दो अलग-अलग गांवों में वज्रपात से 9 की मौत, 2 गंभीर ; एक ही परिवार के 3 बच्चों ने गंवाई जान

बीमा कंपनी की मनमानी पर कंज्यूमर कोर्ट का चाबुक, अब मृतक किसान की पत्नी को देने होंगे ₹6.50 लाख







