मार्गशीर्ष अमावस्या पर विशेष पूजा आज, जानिए क्या है शुभ काल व महत्व
19 नवंबर 2025 को पड़ रही मार्गशीर्ष अमावस्या को देव-पूजन, पितृ-तर्पण और लक्ष्मी साधना का अत्यंत शुभ योग माना गया है. आज के दिन विशेष रूप से धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की जाती है. कई मंदिरों में सुबह से विशेष अनुष्ठानों की तैयारी शुरू हो चुकी है.

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मार्गशीर्ष अमावस्या: आज के दिन का धार्मिक महत्व
19 नवंबर 2025, बुधवार को मार्गशीर्ष अमावस्या मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में यह तिथि अत्यंत पवित्र मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन की गई साधना कई गुना फल देती है और देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. अमावस्या तिथि का आरंभ 18 नवंबर की रात से होकर आज दोपहर के बाद तक रहेगा.
पितृ-तर्पण का विशेष योग
मार्गशीर्ष अमावस्या को पितरों के लिए तर्पण और जलदान अत्यंत शुभ माना जाता है. पुराणों के अनुसार, इस दिन पितरों को याद कर तर्पण करने से घर में शांति और सुख-समृद्धि बढ़ती है. कई तीर्थस्थलों पर भोर से ही तर्पण के लिए भीड़ देखी जा रही है.
लक्ष्मी साधना और धन-प्राप्ति अनुष्ठान
इस अमावस्या को धन-सिद्धि का विशेष दिन भी माना जाता है. कई मंदिरों में आज श्रीसूक्त पाठ, दीपदान और लक्ष्मीनारायण पूजा का आयोजन किया जा रहा है. शाम के समय दीपदान करने से जीवन में उजाला और सौभाग्य बढ़ता है-ऐसी मान्यता है.
नदी स्नान का महत्व
सुबह नदी या पवित्र जल में स्नान कर दान करने से पाप शांत होते हैं और मन को शुद्धि प्राप्त होती है. धार्मिक स्थलों पर आज सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही.
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