जहानाबाद में संस्कृत का जलवा! मंत्रियों की मौजूदगी में गूंजा संस्कृत का गौरव, बच्चों की प्रस्तुति ने लूटी महफिल
जहानाबाद में विश्व संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्री संतोष कुमार सुमन और संजय कुमार सिंह समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।


जहानाबाद: बिहार राज्य प्राथमिक सह माध्यमिक संस्कृत शिक्षक संघ की मगध प्रमंडलीय एवं जिला इकाई जहानाबाद के तत्वावधान में शनिवार को शहर के एक निजी सभागार में विश्व संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन, मंत्री संजय कुमार सिंह, बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एस.के. सुनील ने की। वहीं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. इंदु कश्यप ने उपस्थित अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद विद्यार्थियों ने संस्कृत गीत प्रस्तुत कर समारोह की शुरुआत की। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।
‘संस्कृत हमारी ज्ञान परंपरा की धरोहर’
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. एस.के. सुनील ने संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में से एक है। भारतीय ज्ञान, संस्कृति, साहित्य और परंपरा के विकास में संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है और नई पीढ़ी को इस भाषा से जोड़ने के लिए विद्यालयों तथा समाज में इसके प्रति रुचि बढ़ाने की आवश्यकता है।
नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संस्कृत भाषा के महत्व, इसके संरक्षण एवं संवर्धन तथा विद्यार्थियों को संस्कृत से जोड़ने को लेकर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके संरक्षण के लिए समाज और शिक्षण संस्थानों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
समारोह में पत्रकार संतोष श्रीवास्तव, हम पार्टी के वीरेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष धीरज कुमार, जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, हम पार्टी की नेता पम्पी शर्मा, मनीष कुमार सहित शहर के कई गणमान्य लोग, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजकों ने कहा कि विश्व संस्कृत दिवस समारोह का मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा के प्रति विद्यार्थियों और आम लोगों में रुचि पैदा करना, इसके महत्व से अवगत कराना तथा संस्कृत की गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
(जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट)

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