आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा ने तीन नाबालिग को बचाया, रेलवे स्टेशन पर पाए गए थे संदिग्ध हालत में
तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में एक बेंच पर बैठे पाए गए। संदेह के आधार पर उन्हें पूछताछ हेतु संपर्क किया गया। विनम्र पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना परिचय निम्न प्रकार से दिया।

Ranchi/Jharkhand: आरपीएफ रांची मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देशन में आरपीएफ द्वारा अपने कर्तव्यों का उत्कृष्ट निर्वहन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा के अधिकारी एवं स्टाफ द्वारा लोहरदगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 से तीन नाबालिक बच्चों को बचाया गया। जांच के दौरान तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में एक बेंच पर बैठे पाए गए थे। संदेह के आधार पर उनसे पूछताछ की गई। विनम्र पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना परिचय निम्न प्रकार से दिया—1. अमीश मुंडा, उम्र लगभग 11 वर्ष, पिता – पुनित मुंडा, 2. संतोष बिलोर, उम्र लगभग 10 वर्ष, पिता – दिलीप बिलोर, 3. रमेश बिलोर, उम्र लगभग 10 वर्ष, पिता – निर्मल बिलोर, तीनो मैक्लुस्कीगंज रेलवे स्टेशन के पास, के रहने वाले है
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे बिना अपने अभिभावकों को सूचना दिए घर से भागकर आए हैं। घटना की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन, लोहरदगा को मोबाइल के माध्यम से दी गई। सूचना प्राप्त होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर मोहम्मद इस्तखार आलम एवं सुनीमा कुमारी आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा पहुंचे। तत्पश्चात सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तीनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में अपराह्न 15:30 बजे चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सुपुर्द कर दिया गया।
इस सराहनीय कार्य में उपनिरीक्षक एल. के. मिश्रा एवं स्टाफ एस. आर. इंदवार, बिनोद गोपे तथा आजाद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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