रांची रेलवे स्टेशन का बदलेगा रास्ता, बंद होगा नॉर्थ गेट ; साउथ गेट से होगी एंट्री
रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के बाद नॉर्थ गेट बंद कर साउथ गेट से यात्रियों की एंट्री-एग्जिट होगी। चुटिया से 800 मीटर ROB बनेगा, जबकि स्टेशन पर पार्किंग और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

Ranchi News : रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के साथ यात्रियों की आवाजाही का रास्ता भी बदलने वाला है। आने वाले दिनों में स्टेशन के साउथ गेट से यात्रियों की एंट्री और एग्जिट शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद अभी इस्तेमाल हो रहा स्टेशन का मुख्य नॉर्थ गेट बंद कर दिया जाएगा।
चुटिया से सीधे स्टेशन तक पहुंचेगा ROB
साउथ गेट तक पहुंचने के लिए चुटिया के पास करीब 800 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाया जा रहा है। रेलवे के मुताबिक, करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह दो लेन का ROB चुटिया स्थित इंडियन ऑयल के पास से स्टेशन के साउथ गेट को जोड़ेगा।
इससे चुटिया की तरफ से आने वाले यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। रेलवे ने ROB का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
एक साथ 35 हजार यात्रियों की आवाजाही
स्टेशन का पुनर्विकास पूरा होने के बाद यहां एक समय में करीब 35 हजार यात्रियों की आवाजाही हो सकेगी। फूड प्लाजा एरिया को भी नए तरीके से तैयार किया जा रहा है, जहां करीब 2,500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।
पूरी परियोजना पर करीब 447 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें लगभग 330 करोड़ रुपये स्टेशन भवन के निर्माण पर खर्च होंगे, जबकि बाकी रकम इंटीरियर, फर्नीचर और दूसरी सुविधाओं पर लगाई जाएगी।
छत पर लगेंगे सोलर पैनल
रांची स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ ऊर्जा बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। रेलवे के अनुसार, इनसे स्टेशन की करीब 30 प्रतिशत ऊर्जा जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट जैसी होगी पार्किंग
स्टेशन के बाहर पार्किंग एरिया को भी बड़ा किया जा रहा है। यहां एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों को खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। पार्किंग का काम भी अब अंतिम दौर में पहुंच रहा है।
रेलवे स्टेशन की पार्किंग को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है, ताकि यात्रियों को वाहन लेकर स्टेशन आने और वापस जाने में परेशानी न हो। निर्माण एजेंसियां बाकी काम तेजी से पूरा करने में जुटी हैं, ताकि पूरी परियोजना तय समय पर तैयार की जा सके।
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