JHARKHAND (RANCHI) : झारखंड के करीब साढ़े चार लाख छात्र पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति से वंचित हैं. आर्थिक तंगी के कारण हजारों छात्र पढ़ाई छोड़ने के कगार पर पहुंच चुके हैं. अब इस गंभीर मुद्दे पर सियासत गरमा गई है. एक तरफ जहां एनएसयूआई ने राज्यपाल से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई और बकाया छात्रवृत्ति भुगतान की मांग की है. वहीं इस मसले पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई है.
‘जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क से लेकर सदन तक करेंगे आंदोलन’
एनएसयूआई (NSUI) का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की आपसी राजनीति का खामियाजा छात्र क्यों भुगतें. संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि छात्रवृत्ति छात्रों का अधिकार है, कोई राजनीतिक सौदेबाज़ी नहीं. एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज किया जाएगा. इसी मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तुरंत जारी करने की मांग रखी है. संगठन का कहना है कि अब और देरी छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ होगा.

केंद्र से सहयोग न मिलने के कारण अटका हुआ है भुगतान : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं कर रही है. कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से अंतरिम व्यवस्था की, लेकिन केंद्र से सहयोग न मिलने के कारण भुगतान अटका हुआ है. पार्टी का दावा है कि इसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है. कांग्रेस ने बीजेपी पर छात्रों के भविष्य से राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा को शर्म आनी चाहिए.

राज्य के पास पर्याप्त संसाधन हैं तो फिर छात्रों को क्यों नहीं मिल रही छात्रवृत्ति : भाजपा
भाजपा ने छात्रवृत्ति संकट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी का कहना है कि सरकार के दूसरे कार्यकाल को डेढ़ साल होने जा रहे हैं, लेकिन न छात्रों की स्थिति सुधरी और न ही किसानों की हालत बदली. पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब सरकार के मंत्री यह दावा करते हैं कि राज्य के पास पर्याप्त संसाधन हैं तो फिर छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति क्यों नहीं मिल रही है.पार्टी ने इसे सरकार की नाकामी और संवेदनहीनता करार दिया.
कई छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर
वहीं, छात्रों का कहना है कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए कॉलेज फीस, हॉस्टल फीस और दैनिक खर्च निकालना मुश्किल हो गया है. कई छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं.
एक सप्ताह के भीतर सीधे छात्रों के खातों में पहुंच जाएगी राशि : रामदास अठावले
केंद्रीय राज्य मंत्री (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) रामदास अठावले ने कहा कि झारखंड सरकार के कल्याण मंत्री हाल ही में दिल्ली आए थे और इस मुद्दे पर मंत्रालय स्तर पर बातचीत हुई है. उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति की राशि का आवंटन किया जा चुका है और एक सप्ताह के भीतर यह राशि सीधे छात्रों के खातों में पहुंच जाएगी.
केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद जगी उम्मीद, लेकिन…
बहरहाल, तीन वर्षों से अटकी छात्रवृत्ति ने झारखंड के लाखों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है. सियासी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि छात्र आज भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद उम्मीद जरूर जगी है लेकिन अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि क्या वाकई छात्रों के खातों में पैसा पहुंचेगा या यह मामला एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी में उलझ कर रह जाएगा, क्योंकि यह सिर्फ राजनीति का नहीं बल्कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक न्याय की विश्वसनीयता का बड़ा सवाल है.
रिपोर्ट : यशवंत कुमार









