JHARKHAND (RAMGARH) : रामगढ़ के लाल डॉ अमित चौधरी ने विश्व फलक पर अपने ज्ञान व बुद्धिमता से पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है. विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस में 8 से 14 जनवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी में डॉ. अमित कुमार ने वक्ता और शोधकर्ता के रूप में भाग लिया.
हिंदी प्रचार-प्रसार में योगदान पर मिला विश्व हिंदी सेतु सम्मान
इस संगोष्ठी में “हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में हिंदी भाषा में नवाचार : एक अध्ययन” विषय पर उनका शोध पत्र प्रकाशित हुआ, जिसके लिए उन्हें सम्मान पत्र प्रदान किया गया. इसके साथ ही डॉ. अमित कुमार द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों का लोकार्पण मॉरीशस के शिक्षा मंत्री द्वारा किया गया एवं उन्हें 'विश्व हिंदी सेतु सम्मान' से सम्मानित किया गया.
मॉरीशस के राष्ट्रपति प्रोफेसर धर्मवीर गोखूल रहे उपस्थित
अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी एवं काव्य पाठ का आयोजन विश्व हिंदी सचिवालय, इंडिपेंडेंट स्ट्रीट, फिनिक्स में किया गया. वहीं अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक सम्मान समारोह का आयोजन वालतो रोड, लॉन्ग जी माउंटेन में और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन टेरै रूज, मॉरीशस में सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मॉरीशस के राष्ट्रपति प्रोफेसर धर्मवीर गोखूल, भारतीय उप उच्चायुक्त अपर्णा गणेशन, विश्व हिंदी सचिवालय की महासचिव डॉ माधुरी रामधारी और उप महासचिव डॉ शुभंकर मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. इस अवसर पर विश्व सचिवालय, मॉरीशस में दुनिया भर के शिक्षाविदों और शोधार्थियों की भी मौजूदगी रही.
मारवाड़ी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं डॉ. अमित
डॉ अमित मूल रूप से बगरई, दुलमी रामगढ़ के रहने वाले हैं. वे मारवाड़ी महाविद्यालय रांची, झारखंड में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. उनके इस सम्मान पर शुभचिंतकों एवं परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं दी है. जिसमें मुख्य रूप से मारवाड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार, विभाग के अध्यक्ष डॉ खातिर, परीक्षा नियंत्रक डॉ उमेश कुमार, अनुभव चक्रवर्ती सहित सभी सहायक प्रोफेसर, विजय कपसा, डॉ मनोज डुमरिया, उपेंद्र शंखवार, अशोक महतो, अजय महतो, सुनील महतो, संतोष महतो, अमित महतो, डॉ सुभाष साहू, डॉ त्रिभुवन साहू, महादेव प्रसाद, राजू, रितेश भगत, विमल अरविंद, डॉ लालमोहन महतो, सुनील प्रामाणिक, डॉ निरंजन महतो एवं मनोरंजन दिवान आदि शामिल हैं.









