'थानों में नहीं सुनी जा रही जनता की आवाज', जयराम महतो विवाद पर बोले पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने देर रात गिरिडीह पहुंचते ही हेमंत सरकार और राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।


Giridih: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने देर रात गिरिडीह पहुंचते ही हेमंत सरकार और राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने राज्य की लचर कानून-व्यवस्था और बिगड़े प्रशासनिक हालात पर गंभीर चिंता जताई। विधायक जयराम महतो और पुलिस के बीच चल रहे ताजा विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में थानों के अंदर आम जनता को लगातार अपमानित किया जा रहा है और पुलिस अधिकारी जनता से सीधे मुंह बात तक करने को तैयार नहीं हैं।
'जनता की सुनवाई होती तो थानेदार से क्यों उलझते विधायक?'
बाबूलाल मरांडी ने जयराम महतो प्रकरण का बचाव करते हुए सवाल उठाया कि आखिर एक जनप्रतिनिधि और जनता के चुने हुए विधायक को थाना प्रभारी से उलझने की नौबत क्यों आई। उन्होंने स्पष्ट किया कि थानों में आम जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही है और गरीब व जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सिरे से दरकिनार किया जा रहा है। अगर पुलिस समय पर जनता की आवाज सुनती और निष्पक्ष काम करती, तो इतना बड़ा विवाद कभी खड़ा ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि जयराम महतो का मामला तो सिर्फ एक बानगी भर है, असल में पूरे राज्य की जनता इस बदहाल पुलिसिया रवैये से त्रस्त है।
IAS प्रशांत के खिलाफ कार्रवाई के लिए हेमंत सरकार को लिखा पत्र
प्रशासनिक स्तर पर चल रही कथित गड़बड़ियों पर प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने एक बार फिर हेमंत सरकार को आधिकारिक पत्र लिखकर राज्य के आईएएस अधिकारी प्रशांत के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में शीर्ष स्तर पर बैठे कुछ अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं और उनके खिलाफ तुरंत एक्शन जरूरी है।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
गिरिडीह में देर रात हुई इस प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के साथ भाजपा के ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष महादेव दुबे सहित कई अन्य प्रमुख पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलता की कड़े शब्दों में निंदा की।

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