Jharkhand Municipal elections: झारखंड में नगर निकाय चुनाव का रास्ता साफ हो गया है. दरअसल, चुनाव को लेकर कैबिनेट से राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को प्रस्ताव भेजा गया था जिसे राज्यपाल ने अपनी मंजूरी दे दी है. वहीं, राज्यपाल द्वारा प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब सिर्फ चुनाव के तारीखों की घोषणा का इंतजार है. हालांकि अटकलें लगाई जा रही है कि नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया फरवरी महीने में ही पूरी कर ली जाएगी. लेकिन इस अटकलों के बीच निकाय चुनाव को लेकर सियासी बयान-बाजी शुरू हो गई है. 
दलीय आधार पर चुनाव ना कराकर JMM स्वीकर ली अपनी हार-BJP
बता दें, झारखंड बीजेपी की तरफ से दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग की जा रही है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि ईवीएम के बजाय बैलैट पेपर से मतदान कराकर राज्य सरकार किसी बड़े धांधली की तैयारी में है. चुनाव को लेकर बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) पर जमकर निशाना भी साधा है. उन्होंने कहा है कि दलीय आधार पर चुनाव नहीं कराकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी हार स्वीकर कर ली है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बैलेट पेपर से बड़े धांधली की तैयारी कर रही है. 
दलीय नहीं बल्कि व्यकिगत आधार पर कराएं जाएंगे चुनाव-JMM
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कहा है कि सरकार ने अपना बड़ा वादा निभाने का काम किया है. पिछड़ों का आरक्षण सुनिश्चित किया है. JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार प्रतिबद्ध है. अगले महीने फरवरी तक चुनाव की तमाम प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद शहर की सरकार, नगर की सरकार सुव्यवस्थित दिखेगी. उन्होंने बताया कि सरकार का फैसला है कि चुनाव दलीय आधार पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत आधार पर कराए जाएंगे. मनोज पांडे ने कहा कि इस चुनाव में दलों से ताल्लुक रखने वाले लोग और धर्मनिपेक्ष लोग भी हमारे पार्टी से अपनी किस्मत अजमाएंगे.
रिपोर्ट- तनय खंडेलवाल








