थाना प्रभारी और SI पर बदसलूकी का आरोप, गिरिडीह में सड़क पर बैठे स्टूडेंट, SDPO के आश्वासन पर माने
गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब अहिल्यापुर प्रोजेक्ट हाई स्कूल के छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई छोड़कर सीधे थाने पहुंच गए और थाना परिसर का घेराव कर दिया।


Giridih: गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब अहिल्यापुर प्रोजेक्ट हाई स्कूल के छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई छोड़कर सीधे थाने पहुंच गए और थाना परिसर का घेराव कर दिया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने थाना प्रभारी ऐनुल खान और पुलिस अवर निरीक्षक (SI) साजिद खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोनों अधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूली छात्राएं थाने के मुख्य द्वार और सड़क पर धरने पर बैठ गईं, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ।

स्कूल भवन निर्माण में ठेकेदार की मनमानी और पुलिस पर बदसलूकी का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उनके अहिल्यापुर प्रोजेक्ट हाई स्कूल में दो मंजिला भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसमें ठेकेदार द्वारा घटिया और गलत तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है। जब भी छात्रों या स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुधारने की मांग की, ठेकेदार थाना प्रभारी ऐनुल खान और एसआई साजिद खान के प्रभाव व सहयोग से काम को जबरन आगे बढ़ाता रहा। छात्रों के अनुसार, जब उक्त दोनों पुलिस अधिकारी निर्माण कार्य को लेकर जानकारी लेने स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने छात्रों की बात सुनने के बजाय उनके साथ बेहद अभद्र और अमर्यादित व्यवहार किया। पुलिस के इस रवैये से आक्रोशित होकर विद्यार्थियों को सड़क पर उतरना पड़ा।

SDPO को सौंपा गया मांग पत्र, दोनों अधिकारियों को हटाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और स्थानीय ग्रामीणों ने सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) जितवाहन को एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में छात्रों के साथ किए गए दुर्व्यवहार की जांच कराने और दोनों पुलिस अधिकारियों को अहिल्यापुर थाने से तत्काल हटाने की पुरजोर मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थान में जाकर छात्रों के साथ पुलिस द्वारा ऐसा आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

SDPO और इंस्पेक्टर के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
घटना की सूचना मिलते ही सदर SDPO जितवाहन और पुलिस इंस्पेक्टर कमलेश पासवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने का ठोस भरोसा दिया। वरीय पुलिस अधिकारियों के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया और थाने के सामने से हटे। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.








