Ranchi News: राजधानी रांची के बड़गाई अंचल स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में CM हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन पर आंशिक सुनवाई हुई. बता दें, मामले में PMLA की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान Supreme Court (सर्वोच्चतम न्यायालय) की वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से अदालत में अपना पक्ष रखा जबकि वकील जोहेब हुसैन ने ED (प्रवर्तन निदेशालय) की तरफ से अपना पक्ष रखा. वहीं मामले में अब अगली सुनवाई बुधवार (11 फरवरी 2026) को होगी.
CM ने खुद को निर्दोष बताते हुए की थी आरोप मुक्त करने की मांग
यह पूरा मामला रांची के बरियातू स्थित बड़गाईं अचंल में सेना के कब्जे वाली करीब 8.86 एकड़ जमीन का घोटाला और मनी लॉन्ड्रिग से जुड़ा हैं. जिसमें ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 10 बार समन भेजकर मामले में पूछताछ के लिए हिनू स्थित ईडी कार्यालय बुलाया था लेकिन वे सिर्फ 2 बार ही ईडी के समक्ष पेश हुए थे.
वहीं 31 दिसंबर 2024 को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को उनके आवास से ही गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद करीब 5 महीनों तक जेल में रहने के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दी. वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए 6 दिसंबर को डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल की. जिसमें सीएम ने खुद पर लगे आरोपों को तथ्यहीन और राजनीतिक साजिश बताया था. और कोर्ट से आरोप मुक्त करने की मांग की.
मामले में कई लोगों के ठिकानों पर ईडी ने की थी छापेमारी
बता दें, इस मामले में ईडी ने पहले भी कई बार कार्रवाई करते हुए जमीन कारोबारियों सहित कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था. मामले में ईडी ने 30 मार्च 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें सीएम हेमंत सोरेन और बड़गाईं अंचल के संस्पेंडेड उपसमाहर्ता भानू प्रताप प्रसाद सहित कई को आरोपी बनाया था जबकि दूसरी चार्जशीट ईडी ने 7 जून 2024 को दाखिल की थी जिसमें करीब 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
रिपोर्ट- यशवंत कुमार








