Garhwa (Jharkhand): जिले के रमकंडा प्रखंड में रामनवमी के अवसर पर उत्पन्न हुआ विवाद आखिरकार शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया. यह समाधान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से संभव हो सका. विशेष रूप से राज्य के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर की पहल इस पूरे मामले में निर्णायक साबित हुई.
बताया जा रहा है कि रामनवमी के जुलूस को लेकर दो पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद उत्पन्न हो गया था, जिसके कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन तौर पर मुस्तैद थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. तनावपूर्ण स्थिति के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं में निराशा थी, वहीं माहौल को लेकर चिंता भी बनी हुई थी.
इसी बीच मिथिलेश कुमार ठाकुर ने पहल करते हुए दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों, स्थानीय बुद्धिजीवियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना गया और आपसी सहमति का रास्ता निकाला गया. मंत्री ने सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की और त्योहार की गरिमा को ध्यान में रखते हुए मिल-जुलकर समाधान निकालने पर जोर दिया.
इसके बाद पूरे उत्साह और भक्ति के माहौल में रमकंडा में रामनवमी की शोभायात्रा निकाली गई. श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए और भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया. शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी बनाए हुए थे, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका. कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. स्थानीय लोगों ने इस पहल के लिए मिथिलेश कुमार ठाकुर और प्रशासन का आभार व्यक्त किया. लोगों का कहना था कि समय रहते संवाद और समझदारी से काम लिया गया, जिससे त्योहार की खुशियां बरकरार रहीं.









