सुगंधि की आवाज बना नक्षत्र न्यूज: खबर बनी बच्ची के लिए उम्मीद की किरण.. बढ़ रहे मदद के हाथ
संजय यादव के बेटे रजनीश यादव ने बच्ची के घर जाकर उससे मुलाकात की. उन्होंने कहा कि सुगंधी को पढ़ाई के प्रति रुचि है, वो जितने आगे तक पढ़ना चाहे इसकी जिम्मेदारी संजय यादव खुद लेंगे.

JHARKHAND (GODDA): जिले के पथरगामा प्रखंड क्षेत्र के अमडीहा गांव की अनाथ बच्ची सुगंधि कुमारी की दर्दनाक कहानी नक्षत्र न्यूज द्वारा प्रखरता से दिखाए जाने के बाद पहले प्रशासन से मदद मिलने का आश्वासन दिया गया. अब राजद विधायक और राज्य के श्रम मंत्री संजय यादव ने भी अनाथ बच्ची सुगंधी की सुधी ली.

श्रम मंत्री ने जताया पढ़ाई के खर्च वहन का भरोसा
संजय यादव के बेटे रजनीश यादव ने बच्ची के घर जाकर उससे मुलाकात की. उन्होंने कहा कि सुगंधी को पढ़ाई के प्रति रुचि है, वो जितने आगे तक पढ़ना चाहे इसकी जिम्मेदारी संजय यादव खुद लेंगे रजनीश द्वारा बताया गया कि बच्ची की पढ़ाई में वे कुछ बाधा नहीं आने देंगे.
खबर की प्रशासनिक गलियारों तक गूंज
जब नक्षत्र न्यूज ने प्रमुखता से दिखाई, तब शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खबर प्रशासनिक गलियारों तक गूंज बनकर पहुंचेगी. लेकिन कहते हैं कि सच्ची आवाज देर-सवेर असर जरूर करती है. मां के घर छोड़ देने और पिता की मौत के बाद अकेली रह गई सुगंधि के जीवन की यह त्रासदी जैसे ही मीडिया के माध्यम से सामने आई, वैसे ही संवेदनशील लोगों का दिल पसीज गया. हमारी खबर का असर हुआ, जिम्मेदारों की नींद टूटी और अब सुगंधि के भविष्य को लेकर पहल शुरू हो चुकी है.

बाल संरक्षण टीम ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
साथ ही बाल संरक्षण की टीम के सदस्य ने भी जाकर बच्ची से मुलाकात की है. उन्होंने कहा कि उसकी सारी जिम्मेदारी निभाई जाएगी बाल संरक्षण टीम के द्वारा. उन्होंने यह भी कहा कि यह सुगंधि की मर्जी होगी कि वह कहां और किसके साथ रहना चाहती है, उसके साथ कोई भी जोर-जबरदस्ती नहीं कर सकता.

बेसहारों की आवाज बनना मीडिया का काम
खबर के बाद जिस तरह से हलचल मची है, वह यह साबित करता है कि मीडिया अगर चाहे तो बेआवाजों की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है. नक्षत्र न्यूज अपनी पत्रकारिता पर कायम है और आगे भी ऐसे हर सच को सामने लाने का हम प्रयत्न करते रहेंगे.

सुगंधि की कहानी सिर्फ एक बच्ची की नहीं, ये कहानी है उस सिस्टम की, जो कभी देर से ही सही, लेकिन जागता जरूर है. अब सवाल सिर्फ सहारे का नहीं, बल्कि सुगंधि के भविष्य का है. चाइल्ड हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर ने कहा श्राद्ध कर्म के बाद सुगंधि को अपने साथ ले जाने की व्यवस्था करेंगे.
रिपोर्ट: प्रिंस यादव









