'खनिज ट्रांसपोर्टिंग और प्लांट प्रोडक्शन करेंगे ठप!', MMDR बिल पर केंद्र को मंत्री योगेंद्र प्रसाद की दो टूक
केंद्र सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से पारित कराए गए माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन (MMDR) संशोधन बिल को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है।


Bokaro: केंद्र सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से पारित कराए गए माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन (MMDR) संशोधन बिल को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस कानून के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अब केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में आ गई है। पार्टी की केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर रविवार को बोकारो जिला झामुमो कार्यसमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक जैनमोड़ में आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद और चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
आंदोलन की रणनीति पर हुआ मंथन, केंद्रीय कमेटी को भेजे जाएंगे सुझाव
जैनमोड़ में आयोजित जिला कार्यसमिति की बैठक में जिले भर से आए वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रखंड प्रभारियों से केंद्र के नए खनन कानून के संभावित प्रभावों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक के दौरान आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय करने के लिए सभी नेताओं से महत्वपूर्ण सुझाव मांगे गए। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि बोकारो जिले से प्राप्त सभी सुझावों और रणनीतियों को JMM की आगामी केंद्रीय कमेटी की बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा, जहां से राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बिल वापस नहीं हुआ तो ठप करेंगे ट्रांसपोर्टिंग और प्रोडक्शन: मंत्री योगेंद्र प्रसाद
बैठक को संबोधित करते हुए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस जनविरोधी और झारखंड विरोधी बिल को वापस नहीं लिया, तो राज्यभर में खनिजों की ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह रोक दी जाएगी और औद्योगिक प्लांट्स में प्रोडक्शन (उत्पादन) ठप कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों से देश भर के उद्योग चलते हैं, लेकिन नए कानून से राज्य के वित्तीय अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं, छात्रों और गरीबों की योजनाओं पर पड़ेगा सीधा असर
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि MMDR कानून में किए गए बदलावों से राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचेगा। इसका सीधा प्रतिकूल असर झारखंड में महिलाओं, छात्रों और गरीबों के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड की गरीब जनता के अधिकारों और राज्य के हितों के साथ किसी भी सूरत में समझौता या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में मौजूद चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक समेत अन्य नेताओं ने भी एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार संघर्ष करने का संकल्प लिया।

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