राजधानी रांची में अकीदत के साथ मना मिलाद-उन-नबी
रांची में ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर जुलूसे मुहम्मदी निकाला गया। शहर के विभिन्न इलाकों से जुलूस कर्बला चौक पहुंचा और रिसालदार उर्स मैदान में दुआ व अंतिम सभा के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

ईद मिलाद-उन-नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को राजधानी रांची में पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के यौमे विलादत का जश्न बेहद धूमधाम और अकीदत के साथ मनाया गया। एदार-ए-शरीया झारखंड के मार्गदर्शन और सुन्नी बरेलवी सेंट्रल कमेटी के तत्वावधान में भव्य जुलूसे मुहम्मदी निकाला गया। सुबह से ही हिंदपीढ़ी, नाला रोड, खेत मोहल्ला, गोवाला टोली, गोदरी कुरैशी मोहल्ला, आजाद बस्ती, थड़पकना, मोरहाबादी, कांटा टोली, मौलाना आजाद कॉलोनी, गौस नगर, इलाही बख्श कॉलोनी, नेवरी सीरत नगर, बरियातू, भिट्टा, कांके, डोरंडा और रहमत कॉलोनी समेत दर्जनों इलाकों से छोटे-बड़े जुलूस तय रास्तों से होते हुए सुबह 11 बजे कर्बला चौक पहुंचे। यहां विशाल जनसमूह के जुड़ने के बाद मौलाना मुहम्मद कुतुबुद्दीन रिजवी, मौलाना डॉ. ताजुद्दीन रिजवी, मौलाना मसूद फरीदी, कारी अयूब रिजवी, मुफ्ती आकिब जावेद, अकीलुर रहमान, मो. इसलाम, मो. आफताब और परवेज के संयुक्त नेतृत्व में मुख्य जुलूस आगे बढ़ा।
पैगंबर की तालीमात पर चलने का संदेश
जुलूस विक्रांत चौक, टैक्सी स्टैंड, डेली मार्केट, उर्दू लाइब्रेरी और अंजुमन इस्लामिया होते हुए एकरा मस्जिद के पास रतन टॉकीज पहुंचा, जहां यह एक बड़ी सभा में तब्दील हो गया। जलसे को संबोधित करते हुए एदार-ए-शरीया झारखंड के नाजिम-ए-आला ने कहा कि मिलादे मुस्तफा मनाना और पैगंबर की विलादत पर जुलूस निकालना बरकत का जरिया है। उन्होंने कहा कि पैगंबर का इस दुनिया में तशरीफ लाना इंसानियत के लिए अल्लाह की सबसे बड़ी नेमत है और आज के दिन हमें उनकी अमन व मोहब्बत की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का पक्का संकल्प लेना चाहिए। वहीं मौलाना डॉ. ताजुद्दीन ने कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाना इस्लाम, सुन्नत और इंसानियत की रूह है।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने की शिरकत
कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद का पैगाम पूरी इंसानियत के लिए है और उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही सच्ची खिदमत है। अल्पसंख्यक आयोग के वाइस चेयरमैन शमशेर आलम ने भी यौमे विलादत की मुबारकबाद देते हुए इसे आपसी भाईचारे का पर्व बताया। आयोजन में सेक्रेटरी अकील रहमान, मुहम्मद इस्लाम, महबूब हुसैन रिजवी, मेहताब आलम, परवेज अख्तर, जमील गद्दी, जय सिंह यादव, सागर कुमार, मौलाना तहजीब-उल-हसन रिजवी और भारतीय एकता कमेटी के युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
रिसालदार उर्स मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ कारवां
सभा संपन्न होने के बाद जुलूस मेन रोड, जीईएल चर्च कॉम्प्लेक्स, रोसपा टावर, सुजाता चौक, ओवरब्रिज, राजेंद्र चौक और पुराने झारखंड उच्च न्यायालय मार्ग से होते हुए डोरंडा स्थित रिसालदार उर्स मैदान पहुंचा, जहां दुआओं और अंतिम सभा के साथ यह कारवां संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आए। संवेदनशील स्थानों और जुलूस मार्ग पर दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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