'साझी शहादत-साझी विरासत' से दिया जाएगा भाईचारे का संदेश, जमशेदपुर में 13 सितंबर को होगा सेमिनार
जमशेदपुर के माइकल जॉन ऑडिटोरियम में 13 सितंबर 2026 को ‘साझी शहादत-साझी विरासत’ सेमिनार होगा। कार्यक्रम में साझा संस्कृति, इतिहास, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

Jamshedpur: 'साझी शहादत, साक्षी विरासत' कार्यक्रम को लेकर सर्वोदय समिति, जमशेदपुर की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 13 सितंबर 2026 को जमशेदपुर के माइकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर में ‘साझी शहादत-साझी विरासत’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद तारिक अनवर, पूर्व सांसद आनंद मोहन और झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
साझा संस्कृति और भाईचारे का संदेश देने की पहल
सर्वोदय समिति के अध्यक्ष रियाजुद्दीन खान और महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि भारत की पहचान सदियों से गंगा-जमुनी तहजीब, साझा संस्कृति, सामाजिक समरसता और भाईचारे से रही है। देश की आजादी की लड़ाई से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक हर धर्म, संप्रदाय और समुदाय के लोगों ने अपना योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अनगिनत लोगों ने अपनी कुर्बानी दी। खेती-किसानी से लेकर औद्योगिक क्षेत्र तक समाज के अलग-अलग वर्गों ने देश की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समिति का कहना है कि यही साझी विरासत भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
‘साझे इतिहास को याद करना जरूरी’
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मौजूदा समय में कुछ शक्तियों द्वारा साझा इतिहास, संस्कृति और कुर्बानियों को भुलाने तथा समाज में नफरत और विभाजन की भावना पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को देश के साझा इतिहास से परिचित कराना और सामाजिक एकता एवं भाईचारे को मजबूत करना जरूरी है।
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