65 साल के शिक्षक और 60 के कर्मचारी होंगे बाहर!, रांची विवि का बड़ा फैसला
रांची विश्वविद्यालय ने वोकेशनल पाठ्यक्रमों के संविदा शिक्षकों के लिए 65 वर्ष और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए 60 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा तय की है। उम्र पूरी होने पर सेवा विस्तार नहीं मिलेगा।

Ranchi University : रांची विश्वविद्यालय (RU) में वोकेशनल यानी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जुड़े संविदा शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को लेकर एक बेहद बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संविदा पर काम कर रहे कर्मियों की सेवा अवधि को लेकर नई अधिसूचना जारी कर दी है। अब निर्धारित उम्र सीमा पूरी कर चुके संविदाकर्मियों की नौकरी का विस्तार नहीं किया जाएगा और उन्हें अपनी सेवा से मुक्त होना पड़ेगा। विश्वविद्यालय के इस कड़े रुख से सालों से सेवा विस्तार पा रहे दर्जनों कर्मियों में खलबली मच गई है।
शिक्षकों के लिए 65 और कर्मचारियों के लिए 60 साल तय
विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को जारी इस आदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों की अधिकतम उम्र सीमा पूरी तरह से साफ कर दी गई है। नए नियमों के मुताबिक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में कार्यरत संविदा शिक्षकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष रखी गई है। वहीं दूसरी तरफ शिक्षकेतर कर्मियों (नॉन-टीचिंग स्टाफ) के लिए यह उम्र सीमा 60 वर्ष तय की गई है। यह आदेश रांची विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस के साथ-साथ उसके तमाम अंगीभूत कॉलेजों में चल रहे सभी वोकेशनल कोर्सेज पर एक समान रूप से लागू होगा।
सीवीएस कोर कमेटी की बैठक में लिया गया था फैसला
जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह कड़ा निर्णय 9 अप्रैल 2024 को हुई सीवीएस (CVS) कोर कमेटी की बैठक में बनी सहमति के आधार पर लिया गया है। कमेटी के इसी फैसले को अब औपचारिक रूप से लागू करते हुए विश्वविद्यालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू करने की घोषणा की है, जिससे अब किसी भी तरह की ढील की गुंजाइश नहीं बची है।
सेवा विस्तार पर पूरी तरह लगा ब्रेक, तुरंत पालन के निर्देश
रांची विश्वविद्यालय के कई व्यावसायिक विभागों और कॉलेजों में यह परंपरा सी बन गई थी कि निर्धारित उम्र सीमा पार करने के बावजूद संविदा कर्मचारियों को बार-बार सेवा विस्तार दे दिया जाता था। लेकिन अब इस नई व्यवस्था के आने के बाद पुरानी परिपाटी पर पूरी तरह विराम लग गया है। विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों और कॉलेज प्राचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन कराएं और उम्र सीमा पार कर चुके संविदाकर्मियों की सेवा तत्काल समाप्त करें।
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