चश्मे से हमेशा के लिए आजादी!, रांची के IRIS में आधुनिक LASIK OT शुरू, सिर्फ 2 मिनट में होगा लेजर ट्रीटमेंट
रांची के IRIS सुपरस्पेशियलिटी आई केयर सेंटर में आधुनिक LASIK OT शुरू हुआ। सांसद संजय सेठ ने उद्घाटन किया। योग्य मरीजों के लिए टचलेस, ब्लेडलेस लेजर तकनीक से दृष्टि सुधार की सुविधा मिलेगी।

Ranchi IRIS Hospital: राजधानी रांची में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा और आधुनिक विस्तार हुआ है। बुधवार को आइरिस सुपरस्पेशियलिटी आई केयर सेंटर (IRIS) में नव-निर्मित अत्याधुनिक लैसिक ऑपरेशन थिएटर (LASIK OT) का विधिवत उद्घाटन रांची के सांसद संजय सेठ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा तकनीकों के आगमन को बेहद सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि राजधानी में इस तरह की विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होने से झारखंड के लोगों, विशेषकर युवाओं को सबसे बड़ा लाभ मिलेगा।

मोटे चश्मे से जूझ रहे युवाओं को मिलेगा बड़ा विकल्प
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद संजय सेठ ने कहा कि आज के दौर में बड़ी संख्या में युवा और छात्र-छात्राएं हाई-पावर चश्मे पर निर्भर हैं। शुरुआती मेडिकल जांच के बाद जो मरीज लेसिक सर्जरी के लिए फिट पाए जाएंगे, उनके लिए यह आधुनिक तकनीक चश्मे पर निर्भरता घटाने या उसे पूरी तरह हटाने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बनेगी। अब राज्य के लोगों को दृष्टि सुधार के इस तरह के आधुनिक उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई या दक्षिण भारत के बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

बिना दर्द और बिना चीर-फाड़ के महज 2 मिनट में उपचार
कार्यक्रम के दौरान आइरिस के प्रबंध भागीदार और विट्रियोरेटिना सर्जन डॉ. सुबोध कुमार सिंह तथा कॉर्निया व एंटीरियर सेगमेंट कंसल्टेंट डॉ. रश्मि रंजन ने इस तकनीक की बारीकियों को साझा किया। डॉक्टरों ने बताया कि आधुनिक जांच के बाद टचलेस, ब्लेडलेस और पेनलेस यानी बिना ब्लेड और बिना दर्द वाली लेजर तकनीक से दृष्टि दोष को ठीक किया जाता है। पूरी प्रक्रिया बेहद कम समय में संपन्न हो जाती है, जिसमें वास्तविक लेजर ट्रीटमेंट में बमुश्किल 2 मिनट का ही समय लगता है।

चिकित्सा जगत के कई प्रमुख चेहरे रहे मौजूद
इस भव्य उद्घाटन समारोह में ऑर्किड मेडिकल सेंटर के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. जैन, आइरिस के पार्टनर व ऑर्किड के निदेशक सिद्धांत जैन, राज कुमार अग्रवाल, आकाश अडुकिया, अनंत जैन और डॉ. गोपाल जी सिंह समेत शहर के कई वरिष्ठ चिकित्सक व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आइरिस प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि संस्थान का एकमात्र ध्येय पूरे झारखंड के मरीजों को एक ही छत के नीचे आधुनिक तकनीक, बेहतर विशेषज्ञता और किफायती दरों पर उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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