फिर मच गई भगदड़! सिंहेश्वर मंदिर में अंतिम सोमवारी पर बेकाबू हुई भीड़
सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। धक्का-मुक्की में कई श्रद्धालु और एक पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रशासन ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति नियंत्रित की और जलाभिषेक व्यवस्था जारी रखी।


मधेपुरा: सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। जलाभिषेक के लिए लगी कतार में धक्का-मुक्की बढ़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालुओं और ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
कतार टूटी तो बिगड़े हालात
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8 बजे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते कतार टूट गई। इस दौरान कुछ महिला और बुजुर्ग श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हुआ। बताया जा रहा है कि उसकी वर्दी तक फट गई।
घटना के बाद घायलों को तत्काल JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही मधेपुरा डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ मंदिर परिसर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाकर जलाभिषेक की व्यवस्था बहाल की गई।
रात 1 बजे से जुटने लगी थी भीड़
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 1 बजे सरकारी पूजा के बाद मंदिर के पट खुले थे। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूट गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और मंदिर में जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना जारी है। मंदिर न्यास समिति ने भी श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
अशोकधाम हादसे के बाद भीड़ प्रबंधन की चुनौती
सिंहेश्वर मंदिर की घटना ऐसे समय हुई है, जब सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की मौत और 26 लोगों के घायल होने की घटना सामने आई थी। उस हादसे के बाद अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सिंहेश्वर मंदिर में भीड़ के बेकाबू होने से एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
हालांकि, मधेपुरा प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

अंतिम सोमवारी पर जिला अधिकारी ने लिया जायजा, श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना के आवश्यक निर्देश!

भगदड़ से बचने को शेखपुरा तैयार ! 24 से 28 अगस्त तक बदलेगा ट्रैफिक रूट







