साउथ अफ्रिका में बंधक बने झारखंड के मजदूर, वीडियो भेजकर मामले की दी जानकारी
गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग के 48 प्रवाशी मजदूरों को ट्यूनिशिया की एक कंपनी में काम करने के लालच से झांसा देकर ले जाया गया था. जिनके वेतन को रोक दिया गया है और बंधक बनाकर रखा गया है. इनके भेजे गए वीडियो से मामले का खुलासा हो पाया.

Naxatra News
गिरिडीह, झारखंड : रोजगार दिलाने के झांसे में लेकर गिरिडीह समेत झारखंड के अन्य जिलों के 48 प्रवासी मजदूरों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है. दरअसल मामला दक्षिण अफ्रीका का है, ट्यूनिशिया की एक कंपनी में काम दिलाने के झांसे से मजदूरों को ले जाया गया था. लेकिन बीते कुछ महीनों से इन्हें वेतन मिलना बंद कर दिया गया था.गुलाम की भांति काम कराने के बाद उचित कमाई न मिलना और बंधक के तौर पर जीवन व्यतीत करने को मजबूर, मजदूरों ने वीडियो बनाकर भेजा तब जाकर मामले का खुलासा हो सका.
गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग के 48 प्रवाशी मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया है. इसकी जानकारी उनके द्वारा भेजे गए वीडियो से मिल पाई. L & T (लार्सन एण्ड टूबरो) में काम करने का लालच देकर उन्हें ले जाया गया था. लिहाजा, मजदूरों ने कंपनी से छिपकर बंद कमरे में वीडियो लेकर वीडियो क्लिप समाजिक कार्यकर्त्ता सिकंदर अली को भेजा. जिन्होंने सरकार से अपील की और मामले की तह तक जाकर उनकी मदद करने का प्रयास कर रही है.
बताते चले की छह माह पहले ही बगोदर के कई मजदूरों का साउथ अफ्रीका के नाईजिरिया से अपहरण कर लिया गया था. इसमें संजय महतो, राजू महतो, फलजीत महतो, उत्तम महतो समेत अन्य मजदूरों के नाम शामिल हैं. जिनका आज तक कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है.
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