Ranchi News: राज्य में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को झारखंड सरकार ने बड़ी राहत दी है. बता दें, सरकार ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 21 मरीजों को 5 से 10 लाख रुपए तक की सहायता राशि को स्वीकृति प्रदान की है. जिन गंभीर रोग मरीजों को योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि की मंजूरी मिली है उनमें कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, ब्रेन इंजरी समेत अन्य गंभीर रोगों के मरीज शामिल हैं.
आपको बता दें, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की बैठक में सरकार ने कुल 24 मामलों में विचार किया जिसमें से कुल 21 मरीजों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना का लाभ देते हुए चिकित्सीय सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की गई. जिन मरीजों को इस योजना का लाभ मिला है उनमें गिरिडीह, पलामू, बोकारो, पाकुड़, लातेहार, दुमका, धनबाद, जमशेदपुर समेत कई जिलों के मरीज शामिल है. इन सभी मरीजों का राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद सहित वेल्लोर और वाराणसी के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज जारी है. 
गंभीर रोग से ग्रसित इन मरीजों को मिला लाभ
जिन मरीजों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना का लाभ मिला है उनमें गिरिडीह जिला के धनवार निवासी इरशाद अंसारी; पाकुड़ जिले की मेहरबानो खातून; पलामू के हुसैनाबाद की संगीता देवी; दुमका के सरैयाहाट की सावित्री देवी; बोकारो के गोमिया निवासी वैयुनंदन दुबे; लातेहार के बरवाडीह की बेबी अनुष्का कुमारी; साहेबगंज सदर के मो. आसिफ आलम; पलामू के मेदिनीनगर निवासी निवन ओझा; चतरा के पत्थलगड़ा निवासी सतीश कुमार सिन्हा; धनबाद के नरेश शर्मा; जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम के बेबी शिबम घोष; गोड्डा के पथरगामा के रहने वाले बेबी मोनू कुमार महतो; सरायकेला- खरसावां के निमडीह की रूपा सेन; जमशेदपुर के मानगो निवासी सुमित कुमार तिवारी; बोकारो- कसमार के चंद्रदीप नायक; बोकारो-बेरमो के बेबी सूर्या कुमार यादव; बोकारो- चंद्रपुरा के संदीप कुमार यादव; गिरिडीह-डुमरी के खिरोधर महतो और नरेश ठाकुर; गिरिडीह-जमुआ के प्रमोद कुमार यादव और महेंद्र प्रसाद यादव के नाम शामिल हैं. 
बता दें, इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम स्थित डुमरिया के निवासी शेख युनूस, खूंटी जिले की सरोजजनी हस्सा और पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा निवासी कोमल जायसवाल के मामलों में मरीजों की वर्तमान समय में चिकित्सीय स्थिति का भौतिक सत्यापन के उपरांत प्रतिवेदन पेश करने का निर्देश दिया गया है. बता दें, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की बैठक यह निर्देश भी दिया गया कि आने वाले दिनों सभी आवेदनों के साथ मरीज की अद्यतन चिकित्सीय स्थिति, अस्पताल से लिए जा रहे उपचार अनुमान और संबंधित सिविल सर्जन की ओर से सत्यापन आवश्य संलग्न कराया जाएं. ताकि गंभीर रोगों से जूझ रहे आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों को राज्य सरकार के इस निर्णय और योजना का स-समय लाभ मिलें और और मरीजों का बेहतर इलाज समय पर हो पाए. इससे राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान होगी.








