जमुआ गोलीकांड: पुलिस को चकमा दे रहे जमीन माफिया, भनक लगते ही फरार
गिरिडीह के गोलीकांड मामले में अपराधियों को पकड़ने का पुलिस लगातार प्रयास कर रही है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ठिकाने तक पहुंचने से पूर्व ही अपराधियों को भनक लग जाती है और वे फरार हो जाते हैं. संयुक्त कार्रवाई में मुख्य अपराधी सन्नी रायण के करीब नौ गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

JHARKHAND (GIRIDIH): जमुआ गोलीकांड मामले में आरोपी जमीन माफिया सन्नी रायण और विशाल मंडल पुलिस की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं. दोनों का राजनीतिक प्रभाव और मजबूत सूचना तंत्र इतना सक्रिय है कि पुलिस किसी भी संभावित ठिकाने पर पहुंचने से पहले ही उन्हें इसकी भनक लग जाती है, और वे फरार हो जाते हैं. तीन अलग-अलग पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अब तक दोनों को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है.
पुलिस ने सूचना नेटवर्क को मजबूत करने के लिए मुफ्फसिल थाना का भी सहयोग लिया है. संयुक्त कार्रवाई में सन्नी रायण के करीब नौ गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, वहीं एक स्कार्पियो और दो बाइक जब्त की गई हैं. इसके बावजूद दोनों मुख्य आरोपी और उनके कई सहयोगी अब भी फरार हैं, और पुलिस उनके लोकेशन का पता तक नहीं लगा पा रही है.
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्त से बचते हुए भी दोनों माफिया सोशल मीडिया पर मस्ती भरी तस्वीरें पोस्ट कर पुलिस को चिढ़ा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
20 नवंबर को जमुआ के कारोडीह में रैयत की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद के दौरान दोनों गुटों ने दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने मौके से एक जिंदा कारतूस और चार खोखे बरामद किए. अब पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर यह पता लगाना चाहती है कि उनके पास अवैध हथियार आया कहां से और किस नेटवर्क के माध्यम से इसकी सप्लाई हो रही है.
स्थानीय लोग घटना से चिंतित हैं, जबकि पुलिस लगातार दबाव में है कि आखिर दो भूमाफिया इतने दिनों से कानून को कैसे चुनौती दे पा रहे हैं.
(रिपोर्ट - मनोज कुमार पिंटू)
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