ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने दिए कई आवश्यक दिशा निर्देश : झारखंड के 6 जिलों में खोले जाएंगे 'पलाश मार्ट'
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने राज्य भर में खोले जाने वाले पलाश मार्ट को लेकर जमीन चिन्हित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए. साथ ही सड़क निर्माण का काम पूर्ण नहीं करने वालों को डिबार करने का निर्देश भी दिया है.

Ranchi, Jharkhand: झारखंड में लंबे समय से सड़क निर्माण का काम पूरा नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा. ग्रामीण कार्य विभाग राज्य भर में ऐसे सभी सड़कों की सूची तैयार कर डिबार की प्रक्रिया तेज करेगी. इतना ही नहीं काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है. हाल के महीनों में रेट रिवीजन होनी वाली योजनाओं को विभाग खंगालने का काम करेगी. ये निर्देश राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीच्यूट के सभागार में ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया है.
पुल निर्माण योजना की ली जिलावार जानकारी
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी ली. मैराथन समीक्षा के दौरान ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि लंबे समय से कई जिलों में सड़क की निर्माण की योजना लंबित है. समय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है. ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है. विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य भर में ऐसी एजेंसी और संवेदकों की सूची तैयार कर उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाए. दरअसल कई बार रेट रिवीजन का लाभ लेने के उद्देश्य से ही काम को लंबित रखने की बात सामने आ चुकी है. समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा.
सड़क निर्माण में नहीं की जाएगी लापरवाही बर्दाश्त
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से कही कोई समझौता नहीं होगा. सड़क निर्माण और पुल निर्माण से संबंधित किसी भी तरह की कोई अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए. उन्होंने झारखंड के माननीय विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है. उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो, माननीय विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए. शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर, उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए. उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया.
जिला पंचायत की मदद से की जाएगी जमीन चिन्हित
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 6 जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए जिलों में जमीन चिन्हितिकरण का काम जिला प्रशासन की मदद से पूर्ण किया जाएगा. हाल के दिनों में पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ बाजार में मांग भी बढ़ी है. समीक्षा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य की दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ उन्हें किराना की दुकान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि महिलाएं कैसे उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़े. इस रणनीति के साथ कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है. इसके लिए भी जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त पहल कर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है. राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त दे कर उनके आशियाना का सपना साकार करने पर जोर दिया गया. अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है. समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई कि राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे हैं, जहां SHG (स्वयं सहायता समूह) से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो. राज्य भर में SHG ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है. जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में JSLPS के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई. उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ-साथ JSLPS के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया. मनरेगा की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में ये बात सामने आई कि VB-GRAM-G योजना के लागू होने से झारखंड पर 1700 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा.
समीक्षा बैठक में मौजूदगी
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए. इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक SOP तैयार किया जाएगा, ताकि काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके. सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है. समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे.
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