दोस्त ही निकले कातिल!, पुलिस ने सुलझाई धर्मेंद्र की मौत की गुत्थी, मछली के लिए डैम में दिया था धक्का
पलामू के देवगन डैम में धर्मेंद्र राम की मौत मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। मछली के बंटवारे को लेकर विवाद में दो दोस्तों ने उसे डैम में धक्का दिया था। दोनों गिरफ्तार हैं।

Palamu: पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित देवगन डैम के किनारे मिले धर्मेंद्र राम के शव की गुत्थी को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मछली के बंटवारे को लेकर हुए एक मामूली विवाद में धर्मेंद्र को उसके ही दो जिगरी साथियों ने डैम में धक्का दे दिया था, जिससे डूबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पलामू पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पलामू एसपी कपिल चौधरी ने शनिवार दोपहर 4 बजे इस पूरे घटनाक्रम और आरोपियों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।
पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की थी जांच
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रशांत कुमार ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बीते 1 अगस्त को देवगन डैम के पास से धर्मेंद्र राम का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया था। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी रानी देवी ने छतरपुर थाने में एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित रूप से मामला दर्ज कर सघन जांच शुरू की, जिसमें परत-दर-परत इस हत्याकांड की सच्चाई सामने आने लगी।
मछली पकड़ने के दौरान हुआ था जानलेवा विवाद
पुलिस की सघन जांच के दौरान इस पूरी घटना में देवगन निवासी 48 वर्षीय अशोक पासवान और देवगन के ही तिलहरवा टोला निवासी 56 वर्षीय सुदेश भुइंया की संलिप्तता के पुख्ता सुराग मिले, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन तीनों दोस्त जाल लेकर डैम में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान जाल लगाने और पकड़ी गई मछली के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर अशोक पासवान और सुदेश भुइंया ने धर्मेंद्र को जोर से धक्का दे दिया, जिससे वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जा गिरा।
शव बाहर निकालकर डर से भाग गए थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, धर्मेंद्र को धक्का देने के बाद दोनों आरोपी गुस्से में वहां से चले गए थे, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उन्हें अपने दोस्त की चिंता सताने लगी। वे वापस डैम के पास पहुंचे, लेकिन धर्मेंद्र पानी में कहीं दिखाई नहीं दिया। इसके बाद अशोक पानी में उतरा और काफी मशक्कत के बाद उसे पानी के अंदर खोज निकाला। दोनों ने मिलकर धर्मेंद्र को किसी तरह पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी जान जा चुकी थी। दोस्त की मौत देखकर दोनों आरोपी बुरी तरह डर गए। पकड़े जाने के खौफ से उन्होंने एक-दूसरे से इस घटना की जानकारी किसी को भी न देने की बात कही और शव को वहीं छोड़कर अपने-अपने घर जाकर सो गए। हालांकि, पुलिस के अनुसंधान से दोनों बच नहीं सके और अब सलाखों के पीछे हैं।
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