गिरिडीह में एंबुलेंस के डीजल के लिए होती है वसूली ! शिकायतों के बाद सदर अस्पताल पहुंची JMM टीम
कई शिकायतें मिलने के बाद आज गिरिडीह जेएमएम की टीम गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंची. जहां टीम ने सिविल सर्जन डॉ शेख जफरल्ला और अस्पताल उपाधीक्षक से मुलाकात की.

Giridih: झारखंड में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का वादा स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी करते है लेकिन जमीनी हकीकत तो कुछ और ही नजर आता है. राज्य में कई जिलों के सदर अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं अब भी चरमराई हुई है. बता दें, खबर गिरिडीह जिले की है जहां सदर अस्पताल के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आ रही थी. यहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मनमानी करने का मामला लगातार सामने आता रहता है कभी वे मरीजों को परेशान करते हैं तो कभी उनसे एंबुलेंस में तेल भराने के लिए वसूली करते है.
स्वास्थ्य व्यवस्था की हालात देखकर जताई नाराजगी
ऐसी ही कई शिकायतें मिलने के बाद आज गिरिडीह जेएमएम की टीम गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंची. जहां टीम ने सिविल सर्जन डॉ शेख जफरल्ला और अस्पताल उपाधीक्षक से मुलाकात की. इस दौरान टीम ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था की हालात देखकर नाराजगी जताई. और सिविल सर्जन और अस्पताल के उपाध्यक्ष को फटकार लगाई. हालांकि उपाधीक्षक के लगातार निगरानी के कारण पहले से दुरुस्त सुविधाओं को लेकर सदर अस्पताल की रौनक देख जेएमएम की टीम ने उनकी जमकर तारीफ की. 
एम्बुलेंस में लोगों से डीजल के लिए राशि वसूली !
मगर पोस्टमार्टम में अवैध वसूली और इस्तेमाल में आने वाले समानों कोलेकर सिविल सर्जन के समक्ष नाराजी जाहिर की. मौके पर उन्होंने सरकारी एम्बुलेंस को और बेहतर करने का सुझाव दिया. वहीं, जिलाध्यक्ष संजय सिंह और अजीत कुमार पप्पू ने सिविल सर्जन पर बरसते हुए कहा कि अगर पोस्टमार्टम में लोगों से अनावश्यक वसूली होने की शिकायत मिली, तो ये उचित नहीं है, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय है. वहीं एम्बुलेंस में लोगों से डीजल के लिए राशि वसूली को लेकर टीम नाराज दिखी. टीम ने और कड़े शब्दों में अल्टीमेटम दिया और कहा कि एम्बुलेंस का ट्रांसपोर्टसन एक जिले से दूसरे जिले में होना है. रोड हादसे में ज़ख्मी लोगों को तत्काल इलाज के लिए पहुंचाने का है.
अस्पताल में 56 नर्स की जरूरत, वर्तमान में है सिर्फ 28
सरकार डीजल मद में राशि भी देती है ऐसे में फिर पैसे की मांग उचित नहीं है. मौके पर उन्होंने अल्ट्रासाउंड मशीन में टेक्निशियन की कमी पर भी चर्चा हुई. जेएमएम जिलाध्यक्ष ने आउटसोर्सिंग के जरिये इस कमी को दूर करने का सुझाव दिया. वहीं उपाधीक्षक ने कहा पूरे सदर अस्पताल में 56 नर्स की जरूरत है, इसमें शिफ्ट के अनुसार कार्य लेना है. लेकिन अस्पताल में सिर्फ 28 नर्स हैं. ऐसे में परेशानी हो रही है. जेएमएम की टीम ने सदर अस्पताल का निरीक्षण भी किया. जानने का प्रयास किया की मरीजों को कोई समस्या तो नहीं.
रिपोर्ट- मनोज कुमार पिंटू
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