Jharkhand (Chaibasa): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले स्थित सारंडा जंगल में सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है. जिसमें एक करोड़ के इनामी नक्सली सहित 12 नक्सलियों को सुरक्षाबलों द्वारा ढेर कर देने की खबर आई है. बता दें. यह मुठभेड़ आज (22 जनवरी 2026, गुरुवार) की सुबह किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहदा–कुमडीह गांव के बीच स्थित दुर्दूरा जंगल में हुई. बता दें, कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है. 
नक्सली कमांडर पतिराम मांझी उर्फ अनल दा सहित 12 नक्सली ढेर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच करीब 6 घंटे तक मुठभेड़ हुई. जिसमें एक करोड़ के नक्सली कमांडर पतिराम मांझी उर्फ अनल दा सहित 12 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर दिया है. हालांकि इसकी पुष्टि अब तक नहीं की गई है. दरअसल, सुरक्षाबल के जवानों को सारंडा जंगल में नक्सलियों के गतिविधियों की सूचना मिली थी जिसके बाद सर्च ऑपरेशन पर जवानों की टीम निकली थी. टीम जैसे ही जंगल के क्षेत्र में पहुंचे नक्सलियों ने उनपर फायरिंग करनी शुरू कर दी. जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की और नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया.
नक्सलियों के खिलाफ लगातार चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन
नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस सर्च ऑपरेशन में इस ऑपरेशन में कोबरा की 203, 205, 209 और CRPF के कई बटालियन के जवान शामिल हैं. जवानों द्वारा लगातार इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बता दें, नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ की पहली सूचना सारंडा जंगल के कुमडी क्षेत्र से सामने आई जो किरीबुरू और छोटानागरा थाना इलाके के बीच है. इसके उपरांत सुरक्षा बलों और नक्सलियों की जरायकेला थाना इलाके सामठा इलाके में भी जमकर मुठभेड़ हुई. 
गोलियों की आवाज से इलाके में दहशत का माहौल
सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ और गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाजों से पूरा जंगल क्षेत्र गूंज उठा, जिससे इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है. आपको बता दें, सारंडा जंगल नक्सलियों के लिए एक मजबूत किला रहा है जिसमें कई इनामी नक्सली नेता लंबे वक्त से पहना ले रहे हैं. हालांकि नक्सलियों के खिलाफ झारखंड पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर कार्रवाई की जा रही है. ताकि इस पूरे क्षेत्र से उनका सफाया किया जा सकें.
रिपोर्ट- रमेश दास








