Stephen Hawking: विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 फरवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड शहर में हुआ था. वे एक विश्व प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी, ब्रह्मांड विज्ञानी और लेखक थे. वे अपने क्रांतिकारी 'ब्लैक होल' और 'बिग बैंग' सिद्धांतों के लिए जाने जाते हैं, साथ ही उन्होंने "ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम" जैसी लोकप्रिय पुस्तक लिखी.
क्या है ब्लैक होल का रहस्य
स्टीफन हॉकिंग की सबसे महत्वपूर्ण खोज हॉकिंग विकिरण (Hawking Radiation) है, जिसके अनुसार ब्लैक होल पूरी तरह से 'ब्लैक' नहीं होते, बल्कि वे क्वांटम प्रभावों के कारण विकिरण उत्सर्जित करते हैं और धीरे-धीरे वाष्पित होकर नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि ब्लैक होल से बाहर निकलने वाला यह विकिरण समय के साथ उनके द्रव्यमान में कमी लाता है.
ब्लैक होल अंतरिक्ष में ऐसे क्षेत्र होते हैं जहां बहुत अधिक द्रव्यमान एक छोटे से आयतन में समाहित होता है. इससे इतना प्रबल गुरुत्वाकर्षण बल उत्पन्न होता है कि प्रकाश भी उससे बच नहीं सकता. ये विशाल तारों के संकुचन से बनते हैं, और संभवतः अन्य अज्ञात विधियों से भी.
एक उदाहरण से समझते हैं:
जब आप बॉलिंग बॉल उठाते हैं, तो वह भारी लगती है क्योंकि उसमें पदार्थ सघन रूप से भरा होता है. यदि आप उसी छोटे से स्थान में अधिक से अधिक द्रव्यमान भरते जाएं, तो अंततः इतना प्रबल गुरुत्वाकर्षण उत्पन्न हो जाएगा कि वह प्रकाश की किरणों पर भी काफी बल लगाएगा.
ब्लैक होल का निर्माण तब होता है जब विशाल तारे अपने जीवन के अंत में ढह जाते हैं (और संभवतः अन्य परिस्थितियों में भी जिनके बारे में हमें अभी तक जानकारी नहीं है) ब्लैक होल की खोज की दिशा में पहला कदम शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर ने उठाया था, जब उन्होंने महसूस किया कि विशाल तारों को उन संलयन प्रतिक्रियाओं के लिए ईंधन खत्म होने के बाद ढहना होगा जो उन्हें गर्म और चमकदार बनाए रखती हैं.
ब्रह्मांड ब्लैक होल से भरा पड़ा है. पिछले दशक में वैज्ञानिकों ने इनके टकराव के संकेतों का पता लगाया है और इनके चारों ओर घूमती गैस से निकलने वाली रोशनी की तस्वीरें ली हैं, और इससे हमें ब्रह्मांड के बारे में कई बातें सीखने में मदद मिली है. उदाहरण के लिए, ब्लैक होल ने हमें आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत का परीक्षण करने में मदद की है, जो बताता है कि द्रव्यमान, स्थान और समय एक दूसरे से कैसे संबंधित हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि वे हमें ब्रह्मांड के इन और अन्य महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं.
कैसे दिखते हैं 'ब्लैक होल'
हम अपनी कल्पनाओं में ब्लैक होल की तस्वीर एक बड़े से गड्ढे के रूप में बना लेते हैं. लेकिन वास्तविकता इससे परे है. असल में ब्लैक होल अदृश्य होते हैं, उन्हें देखा नहीं जा सकता. वैज्ञानिकों की दी गई थ्योरी के अनुसार जब कोई पदार्थ ब्लैक होल में गिरता है, तो उसके गिरने की गति तीव्र हो जाती है. साथ ही वह बहुत अधिक गर्म हो जाता है, जिससे वह चमकने लगता है. ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि उसके आसपास के तारे उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं, इसलिए हम किसी खाली स्थान के आसपास अजीब व्यवहार करने वाले तारों को देख सकते हैं.
हाल में चर्चा में है स्टीफन हॉकिंग का नाम.. क्यों?
दरअसल, यौन शोषण, बच्चियों की तस्करी करने वाला कुख्यात आपराधिक नाम जेफ्री एप्सटीन का संबंध जोड़ा जा रहा है महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग से. बात वर्ष 2006 की है, जब एक वैज्ञानिक सम्मेलन में हिस्सा लेने हॉकिंग उस आईलैंड में गए हुए थे, जिसे आज एप्सटीन आईलैंड के नाम से जाना है. हॉकिंग का नाम इसलिए भी एप्सटीन के साथ खासतौर से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि उस सम्मेलन के आयोजकों में जेफ्री एप्सटीन भी शामिल था. हॉकिंग सिर्फ सम्मेलन में हिस्सा लेने गए थे. ये इसलिए भी पुख्ता तौर से बोला जा सकता है, क्योंकि एप्सटीन फाइल के खुलासे में हॉकिंग से जुड़े किसी आपरीधिक केस का जिक्र नहीं किया गया है.
एप्सटीन फाइल में कई जगहों पर मिला हॉकिंग का जिक्र
एप्सटीन फाइल का खुलासा हुआ तो विश्व भर के कई बड़े नामों का एप्सटीन की आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने का दावा और खुलासा भी होने लगा. इस फाइल में स्टीफन हॉकिंग के नाम का कुल 200 जगहों पर जिक्र हुआ है. हालांकि आपराधिक कृत्यों की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नाबालिग लड़कियों से यौन संबंध बनाने को लेकर 2015 के एक ई-मेल में इस बात का जिक्र मिलता है.








