आत्मरक्षा के लिए गिरिडीह की बेटियों ने हाथों में थामे पारंपरिक अस्त्र शस्त्र, लगाए जय श्री राम के जयकारे
शुक्रवार को जब भगवान राम के जन्मोत्सव का महापर्व का आगाज़ हुआ. तो सुबह के अखाड़े के साथ देर शाम तक एक बार फिर बेटियों ने पारंपरिक अस्त्र शस्त्र हाथों में थामा और जय श्री राम के जयकारे के साथ लाठी और तलवार के खेलों का प्रदर्शन किया

Giridih News: रामनवमी पर शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन अब गिरिडीह में बेटियां भी कर रही हैं. शुक्रवार को जब भगवान राम के जन्मोत्सव का महापर्व का आगाज़ हुआ. तो सुबह के अखाड़े के साथ देर शाम तक एक बार फिर बेटियों ने पारंपरिक अस्त्र शस्त्र हाथों में थामा और जय श्री राम के जयकारे के साथ लाठी और तलवार के खेलों का प्रदर्शन किया. 

इस दौरान माता अहिल्याबाई होलकर वाहिनी की संचालिका सह सामाजिक कार्यकर्ता पूनम बरनवाल के नेतृत्व में करीब तीन सौ बेटियों ने तलवार और लाठी के करतब दिखाएं. इसका मेयर प्रमिला मेहरा ने माता अहिल्याबाई होल्कर वाहिनी और उसकी संचालिका की जमकर तारीफ की. काली बाड़ी चौक पर लगे भव्य मंच में सामाजिक कार्यकर्ता पूनम बरनवाल समेत कई खास लोगों ने भी शिरकत की.

इस मौके पर उन्होंने ट्रेनिंग में शामिल बेटियों को सम्मानित भी किया. जबकि कई अलग-अलग सनातन संस्कृति से जुड़े संगठन की महिला सदस्यों के नेतृत्व में बेटियों ने तलवार और लाठियों का हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया. चौक चौराहा में भी जब इन बेटियों ने तलवार और लाठी भांजी, तो रामभक्तों का उमड़ा जनसैलाब रुककर इनके करतब को देखा. ये बेटियां जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा भी कर सकती है. इससे यह साफ संदेश दिया गया कि अस्त्र-शस्त्र सिर्फ प्रदर्शन तक नहीं रहकर दुश्मनों को जवाब देने का भी है.
रिपोर्ट- मनोज कुमार पिंटू
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