Giridih: 'रील में डांस से नहीं मिलेगा सेल्फ डिफेंस', सामाजिक कार्यकर्ता पूनम बरनवाल दे रही बच्चियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
कुटुंब प्रबोधन के आत्मरक्षा ट्रेनिंग में गिरिडीह की समाजिक कार्यकर्ता पूनम ने बच्चियों के साथ शस्त्रों का पूजन किया. साथ ही अपनी रक्षा के लिए लाठी-तलवार के प्रशिक्षण को आवश्यक बताया.

Jharkhand (Giridih): आरएसएस के कुटुंब प्रबोधन के गिरिडीह इकाई ने बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए ट्रेनिंग देनी शुरू की है. जिसे लेकर बुधवार को शस्त्रों की पूजन आदि विधियों के बाद ट्रायल भी किया गया. कुटुंब प्रबोधन की संचालिका पूनम बरनवाल के नेतृत्व में सोनी साहा, मोनिका बरनवाल, सविता कुमारी, सविता कुमारी, ज्योति बरनवाल समेत कई बच्चियों ने प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया.

बच्चियों को तलवार और लाठी के खेल का प्रशिक्षण रामनवमी को लेकर दिया जा रहा है. नेतृत्वकर्ता पूनम बरनवाल ने बताया कि इनके प्रदर्शन की असली परीक्षा रामनवमी के दिन ही होगी. उन्होंने बताया कि 300 से अधिक लड़कियों को इसमें शामिल किया गया है.

सामाजिक कार्यकर्ता पूनम बरनवाल ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए जागरूक करना है. उन्हें कटाक्ष के नजरिए से कहा कि वर्तमान समय में बच्चियों का ज्यादातर समय रील देखने और बनाने में ही बरबाद होता है. जिससे दूर कर उन्हें आत्मरक्षा से संबंधित ज्ञान देना बहुत जरूरी है, ताकि वे खुद की रक्षा स्वयं कर सकें.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
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