Jharkhand (Bokaro): झारखंड के बोकारो जिले में ऑपरेशन 'आहट' के तहत मानव तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल ने बड़ी सफलता हासिल की है. सुरक्षा बल ने मानव तस्करी की कोशिशों को नाकाम करते हुए 4 नाबिलिग बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है. साथ ही इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है.
बता दें, यह कार्रवाई बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन पर की गई है. दरअसल, बोकारो स्टील सिटी रेलवे सुरक्षा बल को 3 फरवरी को प्लेटफॉर्म संख्या 02/03 पर नाबालिग बच्चों की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी. जिसके आधार पर RPF की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की और ट्रेन संख्या 02831 से यात्रा करने की तैयारी कर रहे यात्रियों को रोका. 
रोजगार का झांसा देकर ले जाया जा रहा था तमिलनाडू
इस दौरान टीम ने चार नाबालिग बच्चों को संदिग्ध पाया. जिन्हें काम दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था पूछताछ की गई तो उन्हें न तो अपने गंतव्य की स्पष्ट जानकारी थी और न ही उनके अभिभावकों की इस यात्रा के लिए कोई सहमति थी. जिसके बाद उन्होंने सभी को अपने साथ लिया. वहीं मौके से रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने एक व्यक्ति रामू कुमार राय को हिरासत में लिया.
पूछताछ के दौरान रामू कुमार राय ने बच्चों को काम दिलाने के बहाने बाहर ले जाने की बात स्वीकार की. रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने आगे जांच करते हुए तस्कर के पास से दो मोबाइल फोन और 7 रेल यात्रा टिकट और नकदी रुपए बरामद की है. इधर, रेस्क्यू किए गए चारों बच्चों को चाइल्ड लाइन की मौजूदगी में बाल कल्याण समिति बोकारों को सौंप दिया गया है. जबकि आरोपी रामू कुमार राय के खिलाफ GRPS बोकारो में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. 
'बाल तस्करी से जुड़ा है मामला'
वहीं इस पूरे मामले में जानकारी देते हुए जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष लीला देवी ने बताया कि RPF द्वारा रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों हमे सौंपा गया है. इसकी सूचना परिजनों को दे दी गई है. बच्चों की काउंसलिंग किया जाएगा. आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुशंसा की गई है. उन्होंने बताया कि यह मामला पूरा बाल तस्करी से जुड़ा हुआ है. सभी बच्चे गिरिडीह जिले के रहने वाले है जिन्हें धागा फैक्ट्री में काम करने की बात कहकर सड़क मार्ग से होते बोकारो रेलवे स्टेशन लाया गया था और उन्हें तमिलनाडू ले जाने की तैयारी थी.
रिपोर्ट- संजीव कुमार सिंह








