JPSC महाघोटाले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की बढ़ीं मुश्किलें, CID ने कोर्ट में पेश किए 1000 पेज के ठोस सबूत, सुनवाई टली
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा अनियमितता और महाघोटाला मामले में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे राज्य के पूर्व मुख्य सचिव व JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते समेत प्रमुख आरोपियों की जमानत याचिका पर सीआईडी (CID) की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हुई।


JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा अनियमितता और महाघोटाला मामले में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे राज्य के पूर्व मुख्य सचिव व JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते समेत प्रमुख आरोपियों की जमानत याचिका पर सीआईडी (CID) की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी CID ने कोर्ट में करीब 1000 पन्नों की भारी-भरकम केस डायरी पेश कर सभी को चौंका दिया। CID ने इन दस्तावेजों में पूर्व मुख्य सचिव, परीक्षा नियंत्रक और पूरे खेल के मास्टरमाइंड्स की भूमिका व उनके खिलाफ मिले पुख्ता साक्ष्यों का पूरा ब्योरा अदालत के सामने रखा। अदालत ने केस डायरी का अवलोकन करने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद यानी अगले मंगलवार की तारीख तय कर दी है।
1000 पन्नों की डायरी में दर्ज हुआ आरोपियों का पूरा काला चिट्ठा
CID की विशेष अदालत में मंगलवार को हुई सुनवाई में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, मामले के मास्टरमाइंड अभय तिवारी, सौरभ सुमन और अरविंद कुमार की जमानत याचिका पर बहस हुई। CID की ओर से पेश की गई 1000 पन्नों की विस्तृत केस डायरी में सिलसिलेवार तरीके से बताया गया कि किस तरह से इन सभी आरोपियों ने मिलकर परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाई। इसमें आरोपियों की सीधी संलिप्तता, लेनदेन और अब तक जुटाए गए सभी तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों का बिंदुवार विवरण दर्ज है।
पूर्व मुख्य सचिव पर कमीशनखोरी और परिवार को नौकरी दिलाने का आरोप
गौरतलब है कि एल. ख्यांग्ते करीब एक वर्ष तक JPSC के अध्यक्ष पद पर रहे थे, जबकि श्वेता गुप्ता का कार्यकाल भी आयोग में काफी लंबा रहा था। CID की जांच में यह सनसनीखेज बात सामने आई है कि पूर्व अध्यक्ष पर परीक्षा संचालन में शामिल निजी एजेंसियों से कमीशन के तौर पर मोटी रकम वसूलने के गंभीर आरोप हैं। वहीं इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार अभय तिवारी और उसके परिवार के कई सदस्यों को जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं के जरिए अवैध तरीके से कई उच्च पदों पर नियुक्तियां दिलाने का खेल खेला गया था।
कांड संख्या 16/2026 में 24 से ज्यादा आरोपी सलाखों के पीछे
JPSC परीक्षा में हुई भारी धांधली को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर अपनी जांच का दायरा तेज कर दिया है। इस बड़े भर्ती सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए जांच एजेंसी अब तक 24 से ज्यादा रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। फिलहाल कोर्ट ने CID द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के अध्ययन के बाद सभी आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई अगले मंगलवार को मुकर्रर की है, जिससे आरोपियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रांची में डॉक्टर से मांगी 5 करोड़ की रंगदारी!, आधी रात में दर्जनों कॉल, गोली मारने की धमकी से...

करंट की चपेट में आने से 12 साल के शिवांश की मौत, घर के लोहे के दरवाजे में उतरा था करंट







