Video! : 11 मिनट की बात, वायरल किया कटा हुआ हिस्सा..., ऑडियो कांड पर जयराम महतो का सबसे बड़ा पलटवार, करेंगे निजता हनन का केस
बरवाअड्डा थाना परिसर में फर्जी प्रमाणपत्र विवाद और उसके बाद थानेदार से तीखी बातचीत के वायरल ऑडियो को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने बड़ा पलटवार किया है।


Jairam mahto Audio Viral: बरवाअड्डा थाना परिसर में फर्जी प्रमाणपत्र विवाद और उसके बाद थानेदार से तीखी बातचीत के वायरल ऑडियो को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने बड़ा पलटवार किया है। माडा कर्मियों के बकाया वेतन के सिलसिले में धनबाद पहुंचे विधायक ने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने के लिए ऑडियो को जानबूझकर काट-छांटकर और संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी के साथ उनकी फोन पर करीब 11 मिनट तक लंबी बात हुई थी, लेकिन सिर्फ चुनिंदा हिस्सों को ही वायरल किया गया। इस पूरे मामले को अपनी निजता पर हमला बताते हुए विधायक ने कहा कि वह जल्द ही प्राइवेसी के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
मारपीट के आरोप को नकारा, CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग
थाना परिसर में 21 अगस्त को हुई घटना पर सफाई देते हुए जयराम महतो ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच केवल तीखी बहस और कहा-सुनी हुई थी। मारपीट किए जाने के दावों को उन्होंने पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दिया। विधायक ने दावा किया कि उनके साथ हमेशा कैमरा ऑन रहता है और थाना परिसर में भी कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बरवाअड्डा थाना प्रभारी घटना के दिन की एक-एक मिनट की वीडियो फुटेज सार्वजनिक करें, ताकि पूरी सच्चाई जनता के सामने आ सके और साफ हो जाए कि असली गलती किसकी थी।
कठोर शब्दों पर सफाई और थानेदार पर वसूली के गंभीर आरोप
वायरल ऑडियो में इस्तेमाल किए गए कड़े शब्दों पर विधायक ने कहा कि फोन पर बातचीत एक निजी संवाद था। यदि जनता के हक की बात करते हुए उन्होंने अधिकारी को डांट-फटकार लगाई या कुछ सख्त लहजे में बात की, तो उसे इस तरह सार्वजनिक रूप से पेश करना पूरी तरह गलत है। इसके साथ ही उन्होंने बरवाअड्डा थानेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में बालू ढोने वाले गरीब ट्रैक्टर चालकों से कथित तौर पर 30 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है और नाम बड़े अधिकारियों का लिया जाता है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले और थानेदार के कामकाज की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जनता के मुद्दों से पीछे नहीं हटूंगा, कानूनी लड़ाई की तैयारी
विधायक ने स्पष्ट किया कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याओं और पुलिसिया मनमानी के खिलाफ आवाज उठाना उनका कर्तव्य है और वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जिसका जवाब वे कानूनी तरीके से अदालत में देंगे। बातचीत के दौरान उन्होंने थानेदार से जुड़े कुछ अन्य व्यक्तिगत आरोप भी लगाए, हालांकि उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जयराम महतो ने दोहराया कि पूरे घटनाक्रम की दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच ही सबसे बड़ा जरिया है।

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