रक्सौल में सख्ती तो तस्करों ने बदला रूट! अब आदापुर-हरपुर बॉर्डर से अवैध करेंसी के कारोबार का खेल
रक्सौल बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई से मचा हड़कंप, आदापुर का मटिआरवा बॉर्डर बना नया सेफ जोन!

Motihari, Bihar: पूर्वी चंपारण जिले के अंतरराष्ट्रीय इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अवैध रुपए और नेपाली करेंसी के कारोबार पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही है। बीते कुछ दिनों से रक्सौल बॉर्डर पर प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लाखों रुपए की भारतीय और नेपाली करेंसी जब्त की गई है, जिसके बाद अवैध कारोबारियों और तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद अब तस्करों ने अपना रूट बदल लिया है। सूत्रों की मानें तो रक्सौल बॉर्डर पर बढ़ती निगरानी और कार्रवाई के कारण अब हरपुर और आदापुर थाना क्षेत्र के बॉर्डर इलाकों से चोरी-छिपे अवैध मनी एक्सचेंज और हुंडी कारोबार धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है।
बताया जाता है कि आदापुर थाना क्षेत्र स्थित मटिआरवा बॉर्डर से प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है। रक्सौल के बाद यह बॉर्डर भी काफी व्यस्त और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी भीड़भाड़ और आवाजाही का फायदा उठाकर तस्कर आसानी से भारतीय और नेपाली करेंसी का अवैध लेन-देन कर रहे हैं।
स्थानीय जानकारों का कहना है कि पुरे इंडो-नेपाल बॉर्डर पर प्रतिदिन करोड़ों रुपए का अवैध मनी एक्सचेंज, हुंडी कारोबार और कई अन्य गैरकानूनी गतिविधियां संचालित होती हैं, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंच रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बॉर्डर पर तैनात एसएसबी और स्थानीय थाना पुलिस को आखिर इन गतिविधियों की भनक क्यों नहीं लग रही? या फिर कार्रवाई सिर्फ चुनिंदा इलाकों तक ही सीमित है?
सीमावर्ती इलाकों में लगातार बढ़ रहे अवैध कारोबार ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पूरे बॉर्डर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जाए, तभी इस नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
(मोतिहारी से प्रतीक सिंह की रिपोर्ट)
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