Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 क लेकर राज्य की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सियासी हलचल तेज है. इस बीच राजधानी पटना में जमकर ड्रामा हुआ है. दरअसल, सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें मधुबन विधानसभा सीट से RJD टिकट के दावेदार मदन शाह ने जमकर हंगामा करते हुए दिख रहे है. उन्होंने आरजेडी सांसद संजय यादव पर टिकट बेचने का बड़ा आरोप लगाया है.
जानकारी के मुताबिक, मदन शाह अचानक आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के समक्ष पहुंचे और वहां जोरदार प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया. उन्होंने लालू प्रसाद यादव के आवास के मेन गेट के बाहर अपना कुर्ता फाड़ दिया और जमीन पर लोट-पोट होकर जोर-जोर से रोने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बदले उनसे पैसे मांगे गए थे. मदन ने RJD सांसद संजय यादव पर टिकट बेचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संजय यादव ने टिकट की दलाली की है और पैसे लेकर टिकट बेचा दिया.
हमारा टिकट काटकर उसे डॉ. सतोष कुशवाहा को बेचा- मदन
वायरल वीडियो में मदन शाह कुर्ता फाड़कर चिल्लाते हुए कह रह हैं कि हमसे पैसे की मांग की गई हमने जब नहीं दिया तो हमारा टिकट काट कर उसे डॉ. संतोष कुशवाहा को पैसा लेकर टिकट दे दिया गया. यह हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय है. आगे वीडियो में मदन शाह ने कहा है कि मैं वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहा हूं, लेकिन पैसों के दम पर टिकट बांटा गया. पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को RJD ने नजरअंदाज कर धनबल वालों को प्राथमिकता दी है.
घटना के दौरान लालू-राबड़ी आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मदन शाह को वहां से तुरंत हटाया और स्थिति को काबू पाया किया. हालांकि इसे लेकर आरजेडी की ओर से अबतक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन यह तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ बयां कर रही है.
लालू आवास के पास पहुंचकर उषा देवी भी रोने लगी
इसके अलावे बारचट्टी विधानसभा से टिकट के दावेदार उषा देवी भी लालू प्रसाद यादव के आवास के पास आ पहुंची. वह भी मीडिया से बात करते हुए रोने लगी. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव जी हमारे पिता के समान है उन्होंने कहा था कि तुमको हम विधानसभा भेजेंगे तुम घबराओ नहीं और हमने पूरी पार्टी के लिए मेहनत किया. लेकिन हमें टिकट नहीं मिला. हम अभी भी कह रहे हैं कि लालू प्रसाद यादव जी आप हमारे पिता तुल्य हैं आप सब कुछ कीजिए. हमें इससे कोई मतलब नहीं है. लेकिन उनकी आंखों के आंसू सब बता रहे हैं कि टिकट नहीं मिलने से वह काफी नाराज है लेकिन पार्टी के खिलाफ उन्होंने कुछ नहीं कहा.








