DGP तदाशा मिश्रा ने जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण स्थल का लिया जायजा, जांच में तेजी लाने का दिया निर्देश
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जमशेदपुर में विधि व्यवस्था की जानकारी ली. डीजीपी ने 14 दिनों से लापता व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. वहीं अपहरण स्थल का भी जायजा लिया. घटनास्थल पर अधिकारियों से जांच की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.


JHARKHAND (JAMSHEDPUR) : झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा रविवार को जमशेदपुर पहुंचीं और शहर की विधि-व्यवस्था का विभिन्न रूटों पर भौतिक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने 14 दिनों से लापता व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. वहीं अपहरण स्थल का भी जायजा लिया. घटनास्थल पर अधिकारियों से जांच की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
डीजीपी ने जांच में तेजी लाने का दिया निर्देश
इसके बाद डीजीपी एसएसपी आवास पहुंचीं, जहां उन्होंने वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में अब तक की जांच, तकनीकी साक्ष्य, संदिग्धों की गतिविधियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. डीजीपी ने वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया.

शहर को अपराधमुक्त बनाने को लेकर विशेष रणनीति पर जोर
एसएसपी पीयूष पांडे ने इसे औपचारिक दौरा बताया. उन्होंने कहा कि डीजीपी ने संगठित अपराध और नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. शहर को अपराध और नशा मुक्त बनाने को लेकर विशेष रणनीति पर जोर दिया गया है. कैरव गांधी अपहरण मामले में भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. हालांकि मामले की जांच जारी होने का हवाला देते हुए एसएसपी ने विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पदभार ग्रहण के बाद जमशेदपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने परिसदन में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर झारखण्ड सरकार पर सीधे तौर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि राज्य भर में अपराध के आंकड़े काफ़ी बढ़ गये हैं. जमशेदपुर में विगत 11 दिनों से युवा उद्यमी कैरव गांधी को पुलिस खोज नहीं पाई. जिले की पुलिस भी इस मामले में कोई जानकारी नहीं दे रही है. राजधानी रांची में भी बच्चों का अपरहण हुआ था और भाजपा ने रांची पुलिस मुख्यालय को घेरा तो दो दिन के भीतर बच्चे वापस आ गये. ओरमांझी में भी यही हुआ, लेकिन जमशेदपुर के एसएसपी केवल घर से कार्यालय और कार्यालय से घर का सफर करते हैँ. अपराधियों के बीच पुलिस का डर ख़त्म हो चुका है.
युवा उद्यमी की सकुशल बरामदगी की मांग
आदित्य साहू ने मांग की थी कि त्वरित कार्रवाई कर पुलिस अपह्त युवा उद्यमी को सकुशल वापस लाये, अन्यथा भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन छेड़ेंगे. उन्होंने कहा था कि बढ़ते अपराध को लेकर 27 जनवरी को राज्य के डीजीपी से भाजपा की टीम मुलाक़ात करेगी. साथ ही 28 जनवरी को वो खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात करेंगे और झारखण्ड की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएंगे.
रिपोर्ट : बिनोद केसरी

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