झारखंड में जनगणना-2027 का शंखनाद: मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने पूरी की स्व-गणना की प्रक्रिया
झारखंड में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की शुरुआत हो गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 'स्व-गणना' (Self Enumeration) पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने इसे आंकड़ों से परे आमजन के भविष्य को दिशा देने वाला आधार बताया.

Ranchi, Jharkhand: झारखंड में जनगणना-2027 के महाभियान का आज से औपचारिक शुभारंभ हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांके रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में 'ऑनलाइन स्व-गणना' पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं. दूसरी ओर, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी लोक भवन में जनगणना की निर्धारित अनुसूची के अनुसार अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय कार्य में सहभागिता की.
विकास योजनाओं का आधार बनेगी जनगणना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि जनगणना का कार्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं है, बल्कि यह सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का मुख्य आधार है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्य में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार कर्मियों को शामिल किया जाए ताकि डेटा संग्रह में सुगमता हो. राज्यपाल ने भी आंकड़ों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सटीक आंकड़ों से ही विकासोन्मुख नीतियों का निर्माण संभव है.
अभियान की समय-सीमा और तैयारी
जनगणना अधिकारियों ने जानकारी दी कि 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) का कार्य चलेगा. इसके पश्चात, 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर 33 विभिन्न प्रकार के सामाजिक-आर्थिक आंकड़े संकलित करेंगे. रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और नगर आयुक्त सुशांत गौरव सहित जनगणना निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी.
नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों ने समस्त झारखंड वासियों से इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब प्रगणक उनके घर पहुंचें, तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं. मुख्यमंत्री ने तकनीकी रूप से उन्नत इस 'डिजिटल जनगणना' पहल की सराहना करते हुए इसे राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक बताया.
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