Naxatra News Hindi
Ranchi Desk: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 12 बच्चों की मौत मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को हिरासत में ले लिया है. वहीं, विभाग ने डॉक्टर को निलंबति कर दिया है. बता दें, पुलिस ने शनिवार (4 अक्तूबर) देर रात डॉक्टर प्रवीण सोनी को अपनी कस्टडी में लिया है अब इस पूरे मामले में पुलिस उसने पूछताछ करेगी.
दरअसल, शनिवार देर रात छिंदवाड़ा में जिस सिरप के पीने के बाद बच्चों की मौत हुई थी. उसकी जांच रिपोर्ट आई. जो चौंकाने वाली है. रिपोर्ट के अनुसार, कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 48.6 प्रतिशत पाई गई है. जिसके प्रयोग से स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंच सकती है. यह एक जहरीला पदार्थ है जो दवा में बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए.
इधर, मामले में छिंदवाड़ा में एसपी अजय पांडे न बताया कि चेन्नई की फार्मास्युटिकल कंपनी और बच्चों को दवा देने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. इसके साथ ही डॉ प्रवीण सोनी को हिरासत में लिया गया है हालांकि एसपी अजय पांडे ने यह खुलासा नहीं किया कि डॉ प्रवीण सोनी को कहां रखा गया है.
उन्होंने बताया कि मामले में ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(A), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है. जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन भी किया गया है यह टीम शीघ्र ही चेन्नई रवाना होगी जहां कार्रवाई करते हुए पुलिस फार्मास्युटिकल कंपनी के लोगों की गिरफ्तारी होगी.
बता दें, मामले में CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) ने तमिलनाडु फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को 'Coldrif' सिरप के निर्माता कंपनी के खिलाफ 'सबसे गंभीर अपराधों' के तहत सख्त कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है. तमिलनाडु की Sresan Pharmaceutical यह सिरप बनाती है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों, स्वास्थ्य सचिवों और औषधि नियंत्रकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाले हैं, जिसमें कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग और दवाओं की क्वालिटी पर चर्चा होगी.








