केंद्रीय मंत्री का PA बनकर जेल IG को किया फोन, लेकिन खेल पड़ गया भारी
एक फोन कॉल... केंद्रीय मंत्री का नाम... और जेल प्रशासन पर दबाव। लेकिन अधिकारियों की सतर्कता ने ऐसा खेल पकड़ लिया, जिसने पूरे मामले का रुख बदल दिया।


पटना: मामला राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह का फर्ज़ी PA बनकर प्रशासन पर दबाव बनाने का है। शुरुआत में एक फोन कॉल आता है, दूसरी तरफ मौजूद सच में खुद को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बताया। उसने बड़े आत्मविश्वास से जेल महानिरीक्षक से भागलपुर जेल में बंदे कैदी को तुरंत बेऊर जेल शिफ्ट करने को कहा। इतना ही नहीं, उसने कैदी को अपना करीबी बताते हुए लगातार पैरवी की और जल्द कार्रवाई करने का दबाव भी बनाया। बातचीत का अंदाज बिल्कुल ऐसा था कि मामला एक सामान्य पर भी जैसा लग सकता था लेकिन यही से शुरू हुई है एक ऐसी पड़ताल जिसने पूरे फर्जी वाले का खुलासा कर दिया।
एक शक... और पलट गई पूरी कहानी
फोन पर बात होने के बाद महान निरीक्षक को कुछ बातें खटकी। उन्होंने मामले की गोपनीय तरीके से जांच कराई। फिर जांच में जो सामने आया उसने सबको चौका कर रख दिया। जांच में पता चला कि जिस नीरज को मारने खुद को मंत्री का पिया बताया था वह केंद्रीय मंत्री के स्टाफ में है ही नहीं। यानी सरकारी अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए मंत्री के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा था।
शिकायत दर्ज... और फिर गिरफ्तारी
इसके बाद गृह विभाग के प्रधान आप्त सचिव अजय कुमार ने सचिवालय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आप पुलिस से पता न लगाने में ड्यूटी हुई है कि आरोपी का मकसद सिर्फ एक कैदी को ट्रांसफर करना था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा है। यह अभी जांच किया जा रहा है कि उसने पहले भी ऐसे किसी अधिकारी पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश की थी या नहीं। फिलहाल पुलिस की पूछताछ जारी है और मामले में हर पहलू की जांच की जा रही है।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

बच गई मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी! सुप्रीम कोर्ट ने की थी टिप्पणी, एक इस्तीफे ने पलट दिया पूरा मामला

परिवार से कोई सरकारी नौकरी में है? अनुकंपा नौकरी पर बाद अपडेट! पटना हाई कोर्ट ने दूर किया confusion







