घाटशिला उपचुनाव में बंपर वोटिंग: ग्रामीणों ने विकास को बनाया मुद्दा
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में ग्रामीण इलाकों ने पिछड़ेपन के बावजूद रिकॉर्ड मतदान कर राजनीतिक दलों को स्पष्ट संदेश दिया है. मुसावनी प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत में पहले बहिष्कार की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर मतदान कर लोकतंत्र में आस्था जताई.

Ghatshila-By-Election 2025
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में सोमवार को शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हुआ. कुल 300 बूथों पर हुई वोटिंग में ग्रामीण इलाकों से भारी उत्साह देखने को मिला. पिछड़े और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी मतदाताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया. वहीं शाम तक की अपडेट में कुल मतदान के आंकड़े 73.14% नजर आ रहे हैं.
मुसावनी प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के ग्रामीणों ने पहले पुलिया निर्माण की मांग पूरी न होने पर मतदान बहिष्कार की घोषणा की थी, लेकिन झारखंड सरकार के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने मतदान करने का निर्णय लिया. ग्रामीणों ने साफ किया कि वे अब विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को ही प्राथमिकता देंगे.
महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही - उन्होंने पहले मतदान किया और फिर खेतों में धान कटाई में जुट गईं. मतदान समाप्ति के बाद भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और झामुमो के सोमेश सोरेन समेत 13 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला अब मतपेटियों में बंद हो गया है.
घाटशिला उपचुनाव के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जिसके साथ ही यह स्पष्ट होगा कि ग्रामीणों का यह जनादेश किसके पक्ष में गया. दोनों प्रमुख दलों ने अपनी जीत का दावा किया है.
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