Budget 2026: मानसिक स्वास्थ्य सेवा पर फोकस, किया जाएगा रांची CIP को डेवलप
बजट 2026 में झारखंड को क्या मिला इसपर बात करें तो- पर्यटन क्षेत्र के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर बल दिया गया है. वहीं लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य का केंद्र रहे रांची स्थित CPI को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किए जाने पर फोकस किया गया है.

Budget 2026: रविवार को पेश हुए केंद्रीय बजट के अंतर्गत आम आदमी को राहत देने जैसे कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिलेंगे. लेकिन बात यदि पूर्वोत्तर भारत की करें तो पर्यटन विभाग, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, स्वास्थ्य सेवा की बेहतरी आदि क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. वहीं रांची की बात करें तो मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को केंद्र में रखा गया.
रांची स्थित CIP को किया जाएगा डेवलप
रांची लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य सेवा के लिए मुख्य केंद्र रहा है. यहां सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) और रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंसेज (RINPAS) जैसे दो ऐतिहासिक संस्थान मौजूद हैं. दोनों कांके क्षेत्र में स्थित हैं और देशभर से मरीजों का इलाज करते हैं. बजट 2026 के अंतर्गत केंद्र सरकार CIP को विकसित करने का प्लान लेकर आई है. यहां निमहांस-2 की स्थापना इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त बनाएगी. वहीं तेजपुर को शामिल कर पूर्वोत्तर राज्यों को भी अत्याधुनिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा. इस फैसले से पूर्वी और उत्तर–पूर्वी भारत में मानसिक स्वास्थ्य उपचार और शोध को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
CIP, जिसकी स्थापना 1918 में हुई थी, एशिया के सबसे बड़े मनोरोग अस्पतालों में गिना जाता है. 211 एकड़ में फैले इस संस्थान में 643 बेड की सुविधा है और यह ओपन हॉस्पिटल मॉडल पर काम करता है. यहां मनोरोग के साथ नैदानिक मनोविज्ञान और सामाजिक कार्य में प्रशिक्षण व शोध भी होता है.
वहीं RINPAS का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है. यह संस्थान मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास, सामुदायिक आउटरीच और शिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. दोनों संस्थानों की मौजूदगी ने रांची को देश के मानसिक स्वास्थ्य मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाया है.
बजट 2026 की फोकस पर मानसिक स्वास्थ्य सेवा
सरकार का मानना है कि मानसिक रोगों के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए क्षेत्रीय स्तर पर बड़े और विशेषज्ञ संस्थानों की जरूरत है। रांची पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत आधार रखता है, इसलिए यहां निमहांस-2 की स्थापना इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त बनाएगी। वहीं तेजपुर को शामिल कर पूर्वोत्तर राज्यों को भी अत्याधुनिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
रांची में सस्ती और मानवीय उपचार व्यवस्था
झारखंड की राजधानी रांची का CIP खास तौर पर गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है. यहां दो महीने तक भर्ती मरीज के इलाज, दवा, भोजन और कपड़ों सहित कुल खर्च मात्र 600 रुपये आता है. डॉक्टर की फीस भी सिर्फ 10 रुपये है, जो इसे देश के सबसे सुलभ मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल करता है.
रांची में न सिर्फ झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और यूपी से बड़ी संख्या में मानसिक रोगी इलाज के लिए आते हैं. संस्थान में मरीजों को बंद वार्डों में रखने के बजाय खुला और मानवीय वातावरण दिया जाता है.
यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ओपीडी और हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध है. उपचार के साथ-साथ साइकोथेरेपी, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियों से मरीजों के समग्र पुनर्वास पर जोर दिया जाता है.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रिम्स में एचआईवी पॉजिटिव मरीज का ऑपरेशन: लापरवाही या रिपोर्ट का खेल?

Saraikela: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 'दिशा' की बैठक में दी विकास कार्यों को गति, जल संकट और जाम से मुक्ति के कड़े निर्देश






