देवघर से लौट रहे BSF जवान के साथ गुंडागर्दी, बीच सड़क पर गाड़ी रोककर पीटा ; बड़े अफसर के फोन के बाद जागी पुलिस
गाड़ी में से सात अज्ञात लोग उतरे, जवान को जबरदस्ती बाहर खींचा और उनके साथ बुरी तरह से मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने सिर्फ मारपीट ही नहीं की, बल्कि जवान का मोबाइल और कई कीमती सामान भी छीन लिए। मौके पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने हिम्मत दिखाई और अंकुर कुमार को उन गुंडों के चंगुल से बचाया

GIRIDIH: झारखंड के गिरिडीह से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। देश की सीमा की सुरक्षा करने वाले एक बीएसएफ जवान को ही बदमाशों ने अपना निशाना बना लिया। घटना रविवार देर रात की है, जब सात अज्ञात लोगों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान अंकुर कुमार के साथ सरेराह जमकर मारपीट की। हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित जवान शिकायत लेकर थाने पहुंचा, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय उसे टरकाने की कोशिश की। बाद में जब ऊपर से दबाव पड़ा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
ओवरटेक कर जबरन रोकी गाड़ी और शुरू कर दी मारपीट
सोमवार की देर शाम जवान अंकुर कुमार ने इस पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह रविवार की देर रात देवघर से अपना कुछ जरूरी काम निपटाकर अपनी निजी कार से वापस अपने घर हजारीबाग लौट रहे थे। रास्ते में जब वह गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित बनहटी गांव के पास पहुंचे, तभी एक दूसरी गाड़ी ने उनकी कार को ओवरटेक किया और जबरन रुकवा दिया।
गाड़ी में से सात अज्ञात लोग उतरे, जिन्होंने जवान को जबरदस्ती बाहर खींचा और उनके साथ बुरी तरह से मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने सिर्फ मारपीट ही नहीं की, बल्कि जवान का मोबाइल और कई कीमती सामान भी छीन लिए। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने हिम्मत दिखाई और अंकुर कुमार को उन गुंडों के चंगुल से बचाया।
थानेदार ने दिया आवेदन बदलने का सुझाव
इस खौफनाक घटना के बाद पीड़ित जवान रविवार देर रात ही बेंगाबाद थाना पहुंचा और न्याय के लिए लिखित आवेदन दिया। लेकिन, यहां थाना प्रभारी अमन ने तुरंत केस दर्ज करने के बजाय उन्हें अपना आवेदन बदलने का अजीबोगरीब सुझाव दे डाला। पुलिस के इस रवैये से निराश होकर जवान को बिना एफआईआर दर्ज कराए ही लौटना पड़ा।
कमांडेंट के कॉल और एसपी के निर्देश पर दर्ज हुई FIR
जब इस पूरे मामले की भनक बंगाल सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट को लगी, तो उन्होंने सीधे मामले में हस्तक्षेप किया। कमांडेंट के कॉल और गिरिडीह के एसपी डॉक्टर विमल के सख्त निर्देश के बाद पुलिस महकमे की नींद टूटी। आला अधिकारियों के दबाव के बाद, सोमवार की शाम भुक्तभोगी अंकुर कुमार को हजारीबाग से दोबारा गिरिडीह के बेंगाबाद थाना आना पड़ा। यहां पहुंचकर उन्होंने अपना दूसरा आवेदन सौंपा, जिसके बाद सोमवार देर शाम पुलिस ने सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और छिनतई का मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की छानबीन और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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