Bihar Politics Crisis: बिहार की राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई. आज, गुरुवार (5 मार्च 2026) को बिहार पॉलिटिक्स में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. जेडीयू नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर जमकर विरोध कर रहे हैं. सड़क पर उतरे कई कार्यकर्ता भावुक नजर आए, वे रो-रोकर कह रहे हैं कि अगर नीतीश नहीं रहेंगे, तो हम रहकर क्या करेंगे. उन्हें बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाना चाहिए.
इधर, इस संबंध में JDU नेता राजीव रंजन पटेल ने मीडिया से समक्ष आकर कहा कि हम रोएं नहीं तो और क्या करें ? नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए हमने लात-घूंसे और लाठीचार्ज सहे हैं. हमने 2025 के विधानसभा चुनाव में लोगों ने घर-घर जाकर नीतीश जी के लिए वोट मांगा था. एक-दूसरे के लिए कोई भी वोट नहीं मांगा था. हजारों कार्यकर्ता रो रहे हैं. वे कह रहे हैं कि अगर नीतीश मुख्यमंत्री नहीं रहे, तो बिहार के लोग कहां जाएंगे ? कल के दिन किसी ने भी होली नहीं मनाई. हम 1989-90 से नीतीश जी के साथ है. हजारों कार्यकर्ता कह रहे हैं कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए काम किया. इस निर्णय से पहले कार्यकर्ताओं से पूछा ही नहीं गया.
JDU ने दी बड़ी चेतावनी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरें जैसे ही कार्यकर्ताओं के कानों तक पहुंची वे पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर भारी पहुंच गए है. सभी नारेबाजी करते हुए विरोध जता रहे हैं. इस दौरान उन्होंने मांग की है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राज्यसभा भेजा जाए.
जेडीयू नेता राजीव ने फूट-फूट कर रोते हुए कहा है कि अगर कोई बिहार का मुख्यमंत्री बदलना चाहता है और उन्हें यह लगता है कि उनमें लीडरशिप बदलने और उनके चेहरे में इतनी ताकत हैं तो वे फिर से चुनाव कराकर बहुमत लाए. ऐसे में हम कुछ भी नहीं कहेंगे. उन्होंने कहा कि हम यहीं रहेंगे और नीतीश कुमार को नामांकन पत्र भरने के लिए नहीं जाने देंगे. राजीव रंजन पटेल ने कहा कि निशांत कुमार नॉमिनेट होंगे, नीतीश कुमार को हम नहीं जाने देंगे.
‘बिहार के सीएम बने रहे नीतीश कुमार’
JDU नेता संजय सिंह ने कहा कि अगर उन्होंने यह निर्णय लिया है कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं, तो हम इसका विरोध नहीं कर सकते, मगर बिहार की जनता चाहती है कि नीतीश कुमार बिहार के CM बने रहें. वहीं निशांत कुमार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि निशांत एक पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं. उन्हें राजनीति में आना चाहिए.








