हर आहट पर मां की नजर.. अंश-अंशिका की तलाश तेज, DGP खुद रख रहीं जांच पर नजर
मासूम बच्चे अंश और अंशिका के लापता हुए 8 दिन बीत चुके हैं. अब जाकर जब मीडिया ने खबर को जिम्मेदारी के साथ प्रमुखता से उठाया, तब प्रशासन के तलाश अभियान में तेजी आई है. इसकी मॉनिटरिंग डीजीपी....

JHARKHAND (RANCHI): रांची के मौसीबाड़ी से 2 जनवरी से लापता दोनों बच्चों को लेकर पुलिस की तफ्तीश तेज हो गई है. खुद डीजीपी तदाशा मिश्रा इस केस की प्रत्येक डेवलपमेंट पर नजर रख रही हैं. झारखंड में किसी लापता बच्चे की तलाशी का ये अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा अभियान है. 8 दिन बीत गए. हर आहट पर मां की नजर चौखट की ओर बड़े आस से निहारती है. कहीं ये अंश अंशिका तो नहीं. मोहल्ले की दुकान पर बिस्किट खरीदने गए बच्चों को घर लौटने में कितना वक्त लगता है.
हर साल इस क्षेत्र से गायब होते हैं बच्चे
बिस्किट लेने गए बच्चे दिन के ढाई बजे के बाद 2 जनवरी को कहां गए. कैसे गुम हो गए. ये कैसे हुआ कि बच्चों पर किसी की नजर न पड़ी. हालांकि ये पहली दफा नहीं, जब मौसीबाड़ी खटाल के पास से कोई बच्चा गायब हुआ हो. मोहल्ले के लोग कहते हैं. हर साल यहां से बच्चे के गायब होने की खबर आती है. आज भी ऐसे परिवार अपने लापता लाडले का इंतजार कर रहे हैं.
लापता बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचीं सांसद महुआ माजी
लापता बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचीं राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पुलिस-प्रशासन बच्चों की तलाश में दिन रात एक कर रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस मामले को लेकर बेहद चिंतित हैं.
स्वास्थ्य मंत्री भी जाएंगे पीड़ित परिवार से मिलने
इधर कांग्रेस से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है. कैबिनेट में भी किसी मंत्री ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी है. उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन लगा हुआ है. बहुत जल्द बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे भी पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे.
7 एसपी, 20 से ज्यादा डीएसपी, दर्जन भर थाना ऑपरेशन में शामिल
वहीं मामले को लेकर कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना को लेकर वे काफी आहत हैं. उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले को लेकर सरकार काफी गंभीर है. पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि अब तक झारखंड में इतना बड़ा ऑपरेशन नहीं चलाया गया है, जो इस वक्त दोनों बच्चों को खोजने के लिए सरकार की तरफ से चलाया जा रहा है. सरकार हर पहलू पर नजर रख रही है. इस ऑपरेशन में 7 एसपी, 20 से ज्यादा डीएसपी, दर्जन भर थाना लगे हुए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों बच्चे सही सलामत बरामद कर लिए जाएंगे.
‘अगर यही तेजी 2 जनवरी को होती...’
8 दिन बीत गए हैं. अंश और अंशिका के मिलने की उम्मीद हर घंटे कम होती जा रही है, बच्चों की मां ने खाना-पीना क्या जीना ही जैसे छोड़ दिया है. परिजन हताश हैं निराश हैं. उनका ये भी कहना है कि पुलिस की जो तेजी अब नजर आ रही है, वही अगर दो जनवरी को होती तो शायद बच्चे आज घर पर होते.
रिपोर्ट : सत्यव्रत किरण, नवीन शर्मा
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