JHARKHAND (RANCHI): रांची विश्वविद्यालय के पी.जी. डिपार्टमेंट ऑफ ट्राइबल एंड रिजनल लैंग्वेज के सहायक प्राध्यापक डॉ अमित कुमार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एक प्रतिष्ठित सेमिनार में भाग लेने के लिए चयनित किए गए हैं. यह अंतरराष्ट्रीय सेमिनार मॉरिशस में 08 से 14 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा. सेमिनार का आयोजन दिल्ली स्थित साहित्य संचय शोध संवाद फाउंडेशन (रजि.) के तत्वावधान में किया जा रहा है.
इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भारत सहित विभिन्न देशों के साहित्यकार, शिक्षाविद, शोधकर्ता और भाषा विशेषज्ञ भाग लेंगे. कार्यक्रम के दौरान भारतीय भाषाओं, जनजातीय एवं क्षेत्रीय साहित्य, संस्कृति, लोकपरंपरा तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा पर गंभीर एवं शोधपरक विमर्श होगा. डॉ अमित कुमार इस मंच पर जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़े विषयों पर अपनी अकादमिक प्रस्तुति देंगे, जिससे झारखण्ड की भाषायी-सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी.
डॉ अमित कुमार का यह चयन न केवल उनके शैक्षणिक योगदान का प्रमाण है, बल्कि मारवाड़ी महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है. विश्वविद्यालय परिवार ने इसे झारखण्ड की भाषाओं और संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. राधा गोविन्द विश्वविद्यालयके खोरठा विभाग के विभागाध्यक्ष अनाम अजनबी ने उन्हें शुभकामनाएं दी है. साथ ही मारवाड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार, विभागाध्यक्ष डॉ खातिर हेमरॉम, साथ ही प्राध्यापक संघ के शिक्षकों एवं खोरठा भाषा परिषद के सचिव सुजीत कुमार ने उन्हें शुभकामनाएं दी है.
डॉ अमित कुमार की मॉरिशस में होने वाली यह सहभागिता उसी कड़ी को आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है, जिससे खोरठा सहित झारखण्ड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक सशक्त पहचान मिलने की उम्मीद है.








