PM-कुसुम योजना पर ₹1,000 करोड़ घोटाले का आरोप, BRS ने उठाए गंभीर सवाल
PM-कुसुम योजना पर ₹1,000 करोड़ घोटाले का आरोप, BRS ने उठाए गंभीर सवाल

तेलंगाना में प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM) योजना के क्रियान्वयन को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के वरिष्ठ नेता जी. जगदीश रेड्डी ने आरोप लगाया है कि इस योजना में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
रेड्डी का कहना है कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करने वाले कई डेवलपर्स को ग्रिड से बिजली जोड़ने की अनुमति प्राप्त करने के लिए अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने आवश्यक स्वीकृतियां देने के बदले अवैध धन की मांग की, जिससे निवेशकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई परियोजना संचालकों को पहले से तय दरों की तुलना में कम टैरिफ स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया। इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के निवेशकों की परियोजनाएं आर्थिक रूप से प्रभावित हुईं और उनकी आय पर प्रतिकूल असर पड़ा।
बीआरएस नेता ने कहा कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो योजना के संचालन में मौजूद कई गंभीर खामियां सामने आ सकती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए और सभी स्वीकृति प्रक्रियाओं को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।
हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक तेलंगाना सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल ये आरोप राजनीतिक स्तर पर लगाए गए हैं और इनकी सत्यता किसी आधिकारिक जांच या सक्षम एजेंसी की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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