‘85% छात्र फेल’ से मचा बवाल, कॉलेज में तोड़फोड़ तक पहुंचा मामला; अब दोबारा होगी परीक्षा!
नालंदा के गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में छात्रों का विरोध चौथे दिन भी जारी रहा। रिजल्ट, फीस और पढ़ाई को लेकर प्रदर्शन के दौरान कॉलेज में तोड़फोड़ की बात सामने आई। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फेल छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका देने पर सहमति बनी।


नालंदा: भागन बीघा स्थित गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। परीक्षा परिणाम, पढ़ाई की व्यवस्था और फीस से जुड़े आरोपों को लेकर नर्सिंग और फिजियोथेरेपी के सैकड़ों छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में जुटे। इसी दौरान कॉलेज में तोड़फोड़ किए जाने की बात भी सामने आई।
कॉलेज कर्मियों के मुताबिक, विरोध के दौरान CCTV कैमरे, कंप्यूटर, प्रिंटर, मॉनिटर, टीवी, बेंच-डेस्क, स्मार्ट क्लास के उपकरण और दरवाजे-खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। एक कर्मचारी ने नुकसान करोड़ों रुपये का होने का दावा किया है, हालांकि नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
रिजल्ट और फीस को लेकर छात्रों का गुस्सा
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में पढ़ाई की व्यवस्था ठीक नहीं है और परीक्षा व प्रैक्टिकल के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिए जाते हैं। फिजियोथेरेपी फर्स्ट ईयर के छात्र विवेक कुमार ने दावा किया कि उनका सत्र करीब दो साल पीछे चल रहा है। शिक्षकों के लगातार बदलने और कई विषयों की पढ़ाई समय पर पूरी नहीं होने का भी उन्होंने आरोप लगाया।
वहीं B.Sc नर्सिंग के छात्रों ने परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाए। छात्र ऋषिकेश पटेल ने दावा किया कि हालिया प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट में करीब 85 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हुए हैं। कुछ छात्रों ने परीक्षा ‘मैनेज’ कराने के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिए जाने का आरोप भी लगाया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कॉलेज कर्मी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी तरफ कॉलेज कार्यालय की कर्मचारी ममता सिन्हा ने परीक्षा में पास कराने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनके मुताबिक, छात्रों की शिकायतों पर कॉलेज प्रबंधन बातचीत कर रहा था। फेल छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका देने और इसके लिए लगने वाली फीस कॉलेज की ओर से वहन करने पर भी सहमति बनी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कुछ छात्रों ने कॉलेज में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कर्मचारी के मुताबिक, CCTV, कंप्यूटर, रिकॉर्ड और स्मार्ट क्लास के उपकरण समेत कई सामान क्षतिग्रस्त हुए और कुछ सामान ले जाने का भी दावा किया गया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
हंगामे की सूचना मिलने के बाद भागन बीघा, बेना और रहुई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। रहुई के BDO और CO राजकमल ने भी कॉलेज पहुंचकर छात्रों से बातचीत की। छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी उदिता सिंह से मिलने भी पहुंचा।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रहुई CO राजकमल ने बताया कि छात्रों की मांगों पर कॉलेज प्रबंधन से बातचीत हुई है। कॉलेज इस बात पर सहमत हुआ है कि खराब रिजल्ट या फेल होने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका दिया जाएगा और इसके लिए अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
आंदोलन थमा, लेकिन सवाल बाकी
प्रशासन के मुताबिक छात्रों ने इस समझौते पर सहमति जताई है और आगे हंगामा या तोड़फोड़ नहीं करने का आश्वासन दिया है।हालांकि कॉलेज में सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और स्थिति सामान्य लेकिन तनावपूर्ण बताई जा रही है। कॉलेज प्रबंधन ने अगले आदेश तक छुट्टी घोषित कर दी है।
क्या परीक्षा परिणामों में वास्तव में गड़बड़ी हुई थी? फीस वसूली के आरोपों की जांच होगी या नहीं? और कॉलेज में हुई तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? इन सवालों का जवाब अब प्रशासन और विश्वविद्यालय की आगे की कार्रवाई से ही साफ होगा।
(नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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